22 साल की अलका को होटल में ले जाकर मारने वाले साहब बिंद की पूरी कहानी अब खुली, ये केस आपका दिमाग हिला देगा

रोशन जायसवाल

04 Jul 2025 (अपडेटेड: 04 Jul 2025, 09:09 AM)

22 वर्षीय एमएससी छात्रा अलका बिंद की हत्या कर भागा प्रेमी साहब बिंद पुलिस एनकाउंटर में घायल हुआ. आरोपी ने सूरत से आकर वाराणसी में हत्या की साजिश रची. पढ़िए हत्या से एनकाउंटर तक की पूरी कहानी.

Alka Bind murder case

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Varanasi Alka Bind murder case: एमएससी छात्रा अलका बिंद की निर्मम हत्या के 24 घंटे के भीतर वाराणसी पुलिस ने आरोपी साहब बिंद को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश में साहब बिंद को गोली लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है.

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कैसे हुआ था अलका बिंद का मर्डर?

पूरा मामला वाराणसी के मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के रूपापुर गांव स्थित होटल विधान बसेरा ढाबा से जुड़ा है. 22 वर्षीय अलका बिंद बसमती देवी संकटा प्रसाद डिग्री कॉलेज की एमएससी प्रथम वर्ष (जीव विज्ञान) की छात्रा थी. 2 जुलाई की सुबह 9:30 बजे कॉलेज की परीक्षा का बहाना बनाकर घर से निकली थी. करीब 300 मीटर दूर स्थित होटल में वह साहब बिंद नाम के युवक के साथ गई थी.

शाम तक जब अलका घर नहीं पहुंची, तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी. देर शाम जब होटल स्टाफ ने कमरे की सफाई के लिए दरवाजा खोला, तो अलका की खून से सनी लाश वहां पड़ी मिली. पास में सब्जी काटने वाला चाकू भी मिला जिससे उसका गला रेता गया था.

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पुलिस जांच से सामने आई ये पूरी साजिश

पुलिस ने CCTV फुटेज, होटल रजिस्टर, मोबाइल कॉल डिटेल्स और तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपी की पहचान की. साहब बिंद, निवासी बरैनी गांव, थाना कछवा बाजार, जिला मिर्जापुर, को भदोही स्थित उसकी बहन के घर से गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में साहब ने खुलासा किया कि वह सूरत (गुजरात) में परिधान यूनिट में काम करता था और अलका से उसकी मुलाकात 2024 में एक शादी समारोह के दौरान हुई थी. बाद में दोनों में प्रेम संबंध बन गए. 

आरोपी के मुताबिक, नवरात्र और होली पर वे दो बार इसी होटल में मिल चुके थे. अलका द्वारा बार-बार पैसों की मांग किए जाने से परेशान होकर उसने हत्या की पूर्व नियोजित योजना बनाई और सूरत से वाराणसी पहुंचा. 2 जुलाई को होटल में कमरा बुक किया और अलका को बुलाकर, सब्जी काटने वाले चाकू से उसका गला रेत दिया. हत्या के बाद अलका का मोबाइल, एडमिट कार्ड और अन्य दस्तावेज लेकर वह फरार हो गया.

अलका बिंद केस से जुड़ी ये वीडियो रिपोर्ट भी नीचे देखें

एनकाउंटर की पूरी घटना

पुलिस जब आरोपी को लेकर घटनास्थल की निशानदेही पर गई, तो उसने पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर फायरिंग कर दी और भागने की कोशिश की. पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें साहब बिंद के पैर में गोली लग गई. उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया.