BSNL Controversy: संगम नगरी प्रयागराज में एक सरकारी दौरे से पहले ही बड़ा बवाल खड़ा हो गया. सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL के एक वरिष्ठ अधिकारी के लिए जारी खास प्रोटोकॉल का दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हड़कंप मच गया. कागजों में अधिकारी की निजी सुविधाओं के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाए जाने का खुलासा हुआ तो लोगों का गुस्सा भड़क उठा. अब यह खबर सामने आई है कि बढ़ते विवाद के बीच आनन-फानन में दौरा रद्द कर दिया गया और इस प्रोटोकॉल पर साइन करने वाले अधिकारियों का ट्रांसफर भी कर दिया गया है.
ADVERTISEMENT
क्या था पूरा मामला?
मामला BSNL के डायरेक्टर विवेक बंजल के 25 फरवरी को प्रस्तावित प्रयागराज दौरे से जुड़ा है. उनके आगमन से पहले 19 फरवरी को डीजीएम स्तर से एक ‘मिनट-टू-मिनट’ कार्यक्रम जारी किया गया था. इस कार्यक्रम में उनके प्रवास, बैठकों और संगम स्नान तक की व्यवस्थाओं का विस्तृत खाका तैयार किया गया था.
विवाद तब खड़ा हुआ जब वायरल दस्तावेज में यह उल्लेख सामने आया कि अधिकारी के निजी सामान, यहां तक कि अंडरगारमेंट्स की देखरेख, स्नान के बाद तौलिया उपलब्ध कराने और कपड़े सहेजने के लिए भी अलग-अलग अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी. बताया गया कि 50 से अधिक कर्मचारी इस एक दौरे की व्यवस्थाओं में लगाए गए थे. इसे लेकर सवाल उठने लगे कि क्या किसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी में इस तरह का प्रोटोकॉल उचित है.
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया
दस्तावेज सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे वीआईपी संस्कृति का उदाहरण बताते हुए कड़ी आलोचना की. कई यूजर्स ने इसे सरकारी संसाधनों की फिजूलखर्ची बताया और पूछा कि घाटे से जूझ रही कंपनी में इस तरह की व्यवस्थाओं की क्या जरूरत थी. बढ़ती आलोचना और ट्रोलिंग के बीच मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया.
प्रशासन की सफाई और दौरा निरस्त
विवाद बढ़ने पर BSNL प्रशासन ने सफाई जारी की. कंपनी के जनसंपर्क अधिकारी आशीष गुप्ता ने पुष्टि की कि डायरेक्टर विवेक बंजल का 25 फरवरी का प्रयागराज दौरा रद्द कर दिया गया है. विभाग की ओर से यह भी कहा गया कि जारी किया गया विस्तृत प्रोटोकॉल अब अमान्य माना जाए. हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इतना विस्तृत और विवादित प्रोटोकॉल तैयार करने की आवश्यकता क्यों पड़ी.
हस्ताक्षर करने वाले अधिकारियों का तबादला
BSNL के कथित ‘शाही प्रोटोकॉल’ से जुड़े वायरल दस्तावेज मामले में अब मुख्यालय स्तर से सख्त कार्रवाई की गई है. जिन अधिकारियों के हस्ताक्षर इस विवादित आदेश पर दर्ज थे, उनका तत्काल प्रभाव से ट्रांसफर कर दिया गया है. बता दें कि पीजीएमटी (बिजनेस एरिया) प्रयागराज रहे ब्रजेंद्र कुमार सिंह का तबादला आंध्र प्रदेश कर दिया गया है, जहां उन्हें श्रीकाकुलम बिजनेस एरिया की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके साथ ही डीएम प्रयागराज रहे जागेश्वर वर्मा को नेटवर्क ट्रांसमिशन नॉर्थ यूनिट में भेजा गया है. जानकारी के मुताबिक, यह पूरा प्रोटोकॉल पीजीएमटी कार्यालय से जारी हुआ था और उस पर डीजीएम स्तर के हस्ताक्षर थे। मुख्यालय की इस कार्रवाई के बाद विभागीय हलकों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है.
यह भी पढ़ें: BSP MLA उमाशंकर सिंह के यहां इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की पड़ी रेड़, लखनऊ से बलिया तक मची हलचल
ADVERTISEMENT









