उमेश पाल हत्याकांड में अरमान बिहारी की कोर्ट में हुई पेशी, 22 मिनट की सुनवाई के बाद भेजा गया बिहार

आनंद राज

• 08:30 AM • 06 Oct 2026

प्रयागराज के बहुचर्चित उमेश पाल ट्रिपल मर्डर केस में 5 लाख रुपये के इनामी वांछित आरोपी अरमान बिहारी को सोमवार शाम प्रयागराज की एससी-एसटी स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया. प्रयागराज पुलिस उसे बिहार की गया जिला जेल से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आई थी. शाम करीब 4:12 बजे अरमान को कोर्ट में पेश किया गया, जहां करीब 22 मिनट तक सुनवाई चली.

 Arman Bihari

कोर्ट पेशी के दौरान अरमान बिहारी

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Atiq Ahmed Shooter Arman Bihari: प्रयागराज के बहुचर्चित उमेश पाल ट्रिपल मर्डर केस में 5 लाख रुपये के इनामी वांछित आरोपी अरमान बिहारी को सोमवार शाम प्रयागराज की एससी-एसटी स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया. प्रयागराज पुलिस उसे बिहार की गया जिला जेल से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आई थी. शाम करीब 4:12 बजे अरमान को कोर्ट में पेश किया गया, जहां करीब 22 मिनट तक सुनवाई चली. अदालत ने ट्रांजिट रिमांड की कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे वापस बिहार के गया जिला जेल भेजने का आदेश दिया. उमेश पाल हत्याकांड में अरमान को अहम शूटर बताया जाता है और पुलिस उससे इस केस की साजिश के साथ-साथ फरार आरोपियों को लेकर भी पूछताछ कर सकती है.

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कोर्ट ने क्या पूछा?

सुनवाई के दौरान एससी-एसटी स्पेशल कोर्ट के जज ने अरमान बिहारी से पूछा कि क्या वह अपने बचाव के लिए वकील करना चाहता है. कोर्ट ने उसे बताया कि इसके लिए उसे प्रार्थना पत्र देना होगा. इसके बाद अरमान ने अदालत से वकील करने के लिए निर्धारित प्रारूप का पत्र लिया. सुनवाई के दौरान अदालत ने अरमान को उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों से संबंधित आरोप पत्र की प्रति भी उपलब्ध कराई. सरकार की ओर से डीजीसी क्राइम मनोज कुमार पाण्डेय ने अदालत में पक्ष रखा.

22 मिनट की सुनवाई के बाद वापस गया जेल

अदालत में करीब 22 मिनट तक चली कार्रवाई के बाद ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी की गई. इसके बाद कोर्ट ने अरमान बिहारी को वापस बिहार के गया जिला जेल भेजने का आदेश दिया. यानी प्रयागराज पुलिस उसे बिहार से यहां लेकर आई, लेकिन कोर्ट की कार्रवाई पूरी होने के बाद उसे दोबारा गया जेल भेज दिया गया. अरमान फिलहाल उमेश पाल हत्याकांड के मामले में प्रयागराज पुलिस की जांच के लिए अहम आरोपी माना जा रहा है.

दिनदहाड़े हुई थी उमेश पाल और दो गनर की हत्या

24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में अधिवक्ता उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी. हमलावरों ने चलती जीटी रोड पर ट्रैफिक रुकवाकर उमेश पाल और उनके गनर पर गोलियां चलाई थीं और बम भी फेंके थे. इस वारदात ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी. मामले में पुलिस की कार्रवाई के दौरान चार आरोपियों का एनकाउंटर हो चुका है, जबकि गुड्डू मुस्लिम, साबिर और अरमान अहमद लंबे समय तक फरार बताए जाते रहे. अब अरमान के बिहार की जेल में बंद होने की जानकारी मिलने के बाद प्रयागराज पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया के तहत प्रयागराज लेकर आई.

बिहार की जेल में ऐसे मिला अरमान का सुराग

अरमान अहमद मूल रूप से बिहार का रहने वाला है. उमेश पाल हत्याकांड के बाद वह प्रयागराज से फरार हो गया था. बाद में उसके बिहार की जेल में बंद होने की जानकारी सामने आई. बताया गया कि बिहार के सहरसा में एक अंडा विक्रेता पर गोली चलाने के मामले में वह फरार चल रहा था और इसी मामले में उसने सरेंडर किया था. इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया. उमेश पाल हत्याकांड में फरार होने के बाद से उसका नाम भी पुलिस की तलाश सूची में शामिल रहा.

प्रयागराज के सिविल लाइंस इलाके में रहता था

पुलिस के अनुसार अरमान प्रयागराज के सिविल लाइंस इलाके में पैलेस सिनेमा के आसपास अक्सर नजर आता था. वहीं से उसके अपनी गतिविधियां संचालित करने की बात भी सामने आई थी. बताया जाता है कि अरमान अतीक अहमद के संपर्क में उसके करीबी मल्ली के जरिए आया था. इसके बाद वह अतीक के संपर्क में रहा. पुलिस के मुताबिक अरमान शूटर के तौर पर भी काम करता था और उसका नाम उमेश पाल हत्याकांड में अहम भूमिका निभाने वाले आरोपियों में शामिल है.

शाइस्ता परवीन की सुरक्षा में भी दिखा था अरमान

अरमान को लेकर जांच में एक और अहम बात सामने आई थी. जब अतीक अहमद जेल में था और उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन मेयर चुनाव के दौरान प्रचार कर रही थीं, उस समय अरमान उनके साथ नजर आया था. शाइस्ता परवीन की सुरक्षा में उसके साथ चलने का वीडियो भी सामने आया था. इसी वजह से उमेश पाल हत्याकांड की जांच में अरमान से पूछताछ को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पुलिस यह भी जानना चाहती है कि अतीक गैंग से उसके संपर्क किस तरह बने और वह किन लोगों के संपर्क में रहा.

उमेश पाल की हत्या वाले दिन बाइक पर था अरमान

पुलिस के अनुसार, 24 फरवरी 2023 को उमेश पाल की हत्या के दौरान अरमान हेलमेट लगाकर बाइक पर पहुंचा था. उसके साथ बाइक पर गुड्डू मुस्लिम भी बैठा था. वारदात के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज में अरमान को गोली चलाते हुए देखा गया था. पुलिस के मुताबिक उमेश पाल और उनके दोनों सरकारी गनर पर हमला करने वाले शूटर्स में अरमान की भूमिका अहम थी. वारदात के बाद वह प्रयागराज से फरार हो गया और बाद में बिहार पहुंच गया.

बिहार के कई जिलों में मुकदमों का भी जिक्र

अरमान के खिलाफ बिहार के अलग-अलग जिलों में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई है. इनमें अंडा विक्रेता पर गोली चलाने का मामला भी शामिल बताया गया है. इसी मामले में उसके फरार होने और बाद में सरेंडर कर जेल जाने की बात सामने आई. बिहार की जेल में उसकी मौजूदगी का पता चलने के बाद प्रयागराज पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत ट्रांजिट रिमांड हासिल की और उसे प्रयागराज लाकर कोर्ट में पेश किया.

गुड्डू मुस्लिम और शाइस्ता को लेकर खुल सकते हैं राज

अब पुलिस की नजर अरमान से होने वाली पूछताछ पर है. जांच एजेंसियां उमेश पाल हत्याकांड की साजिश, वारदात से पहले की तैयारी, शूटर्स के बीच संपर्क और घटना के बाद उसके फरार होने से जुड़े सवालों के जवाब तलाश सकती हैं. पुलिस यह भी जानना चाहेगी कि प्रयागराज से निकलने के बाद बिहार पहुंचने में किसने उसकी मदद की और वह किन लोगों के संपर्क में रहा. इसके अलावा गुड्डू मुस्लिम, साबिर और दूसरे फरार आरोपियों के बारे में भी उससे सुराग मिलने की उम्मीद है. खास तौर पर गुड्डू मुस्लिम और शाइस्ता परवीन से जुड़े सवालों को लेकर अरमान से पूछताछ अहम मानी जा रही है. वहीं, अरमान के परिवार की ओर से मीडिया में यह बात कही जा चुकी है कि उनका बेटा उमेश पाल हत्याकांड में शामिल था.