प्रयागराज में 'पूर्वांचल स्टार्टअप संवाद-2026' का हुआ आयोजन, राज्यपाल ने की युवाओं से जॉब क्रिएटर बनने की अपील

हर्ष वर्धन

• 09:39 PM • 04 Nov 2026

प्रयागराज में पूर्वांचल स्टार्टअप संवाद-2026 का आयोजन हुआ. राज्यपाल ने युवाओं से जॉब सीकर के बजाय जॉब क्रिएटर बनने और विश्वविद्यालयों में इंक्यूबेशन सेंटर स्थापित करने की अपील की.

पूर्वांचल स्टार्टअप संवाद 2026

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प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय, प्रयागराज और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय ‘पूर्वांचल स्टार्टअप संवाद-2026’ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने किया. इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में नवीन शैक्षिक सुविधाओं का लोकार्पण किया और विभिन्न विश्वविद्यालयों के नवाचारियों की ओर से लगाई गई स्टार्टअप प्रदर्शनी का उद्घाटन कर उसका अवलोकन किया.

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कार्यक्रम में रज्जू भैया विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को डिग्री देने के साथ-साथ स्टार्टअप शुरू करने के लिए भी प्रेरित करेगा, ताकि वे नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार सृजन में भूमिका निभा सकें. वहीं, राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी डॉ. सुधीर एम. बोबडे ने राजभवन की नवाचार संबंधी दृष्टि रखी, जबकि एकेटीयू के कुलपति प्रो. जय प्रकाश पाण्डेय ने संवाद की रूपरेखा और भविष्य की कार्ययोजना प्रस्तुत की. तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने वैश्विक स्टार्टअप ट्रेंड, सरकारी योजनाओं, फंडिंग, इंसेंटिव और आइडिया से प्रोटोटाइप तैयार करने तक की प्रक्रिया पर जानकारी दी.

संवाद के दौरान कुलाधिपति की अध्यक्षता में कुलपतियों की गोलमेज बैठक भी हुई. इसमें राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए इंक्यूबेशन सेंटर स्थापित करने के लिए प्रेरित किया. पैनल डिस्कशन में विशेषज्ञों और निवेशकों ने विद्यार्थियों को फंडिंग का रोडमैप समझाया. समापन समारोह में आइडियाथॉन के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया और रज्जू भैया विश्वविद्यालय तथा एकेटीयू के बीच नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुए. अपने अध्यक्षीय संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि पूर्वांचल के युवाओं में अपार संभावनाएं हैं और उन्हें जॉब सीकर के साथ-साथ जॉब क्रिएटर बनने की दिशा में भी प्रयास करना चाहिए. उन्होंने नवाचार और उद्यमिता को महत्वपूर्ण मानवीय मूल्य बताते हुए इनके संरक्षण और प्रोत्साहन पर जोर दिया. राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ.