पिता अतीक और चाचा अशरफ की मौत के बाद अली की गुहार कोर्ट ने मानी, अब सरकारी पैसे से होगी पैरवी!

आनंद राज

• 03:42 PM • 23 Sep 2026

प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद से जुड़े गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में अब उसकी पैरवी सरकारी खर्चे पर होगी. अली ने अदालत में कहा था कि पिता अतीक और चाचा अशरफ की मौत के बाद कोई अधिवक्ता उसकी ओर से मुकदमा लड़ने के लिए तैयार नहीं है.

Atiq Ahmed's Ali Ahmed News

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Atiq Ahmed's Ali Ahmed News: प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद से जुड़े गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में अब उसकी पैरवी सरकारी खर्चे पर होगी. अली ने अदालत में कहा था कि पिता अतीक और चाचा अशरफ की मौत के बाद कोई अधिवक्ता उसकी ओर से मुकदमा लड़ने के लिए तैयार नहीं है. इसके बाद अदालत के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने उसके लिए वकील नियुक्त किया है.

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अली ने अदालत से की थी सरकारी वकील की मांग

15 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई पेशी में अली अहमद समेत मुकदमे के अन्य आरोपियों के बयान दर्ज किए गए. करीब दो घंटे से अधिक चली इस कार्यवाही के दौरान आरोपियों ने अपने-अपने लिए सरकारी खर्चे पर वकील उपलब्ध कराने की मांग रखी. अली ने अदालत से कहा था, 'पिता अतीक अहमद और चाचा अशरफ की मौत के बाद कोई अधिवक्ता मेरी ओर से मुकदमा लड़ने को तैयार नहीं है.' इसके बाद उसकी विधिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई.

विकास गुप्ता को मिली जिम्मेदारी

मामले की सुनवाई कर रहीं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुराधा पुंडीर ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पत्र भेजकर आरोपियों की विधिक सहायता संबंधी मांग पर कार्रवाई करने को कहा. अदालत के निर्देश के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव की ओर से लीगल एड के चीफ डिफेंस काउंसिल विकास गुप्ता को अली अहमद की ओर से मुकदमे की पैरवी के लिए नियुक्त किया गया है. अब वह सरकारी खर्चे पर अली का पक्ष अदालत में रखेंगे.

इन आरोपियों को भी मिलेगी विधिक सहायता

गैंगस्टर एक्ट के इस मामले में अली अहमद के अलावा मोहम्मद अरशद कटरा, कैश अहमद, राकेश उर्फ नाकेश, शारूक उर्फ शाहरुख, सदाकत खान और नियाज अहमद को भी विधिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की गई है. यानी जिन आरोपियों के पास निजी वकील नहीं हैं, उनके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से सरकारी खर्चे पर अधिवक्ता उपलब्ध कराए जाएंगे. यह नियुक्ति कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई है और इससे मुकदमे के आरोप सही या गलत साबित नहीं होते.

रंगदारी मामले में भी हुई पेशी

अली अहमद फिलहाल जेल में बंद है. हाल के दिनों में उसे अलग-अलग मुकदमों में प्रयागराज की अदालतों में पेश किया गया है. 21 सितंबर 2026 को रंगदारी से जुड़े एक मामले में उसकी प्रयागराज जिला अदालत में पेशी हुई थी और बयान भी दर्ज किए गए थे. गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में अब सरकारी वकील की नियुक्ति के बाद उसकी ओर से कानूनी कार्यवाही आगे बढ़ेगी.