बागपत में मस्जिद के इमाम की बेगम, 2 बच्चों के मर्डर केस में ट्विस्ट, मुफ्ती के साले ने लगा दिए नए आरोप

मनुदेव उपाध्याय

13 Oct 2025 (अपडेटेड: 13 Oct 2025, 09:15 AM)

बागपत की बड़ी मस्जिद में हुए तिहरा हत्याकांड के खुलासे पर सवाल खड़े हो रहे हैं.पुलिस ने भले ही दो नाबालिग छात्रों को कातिल बताया हो.लेकिन अब मृतका के भाई मुफ़्ती इसरार ने आरोप लगाया है कि यह खुलासा पूरी तरह फर्जी है, दो नाबालिग बच्चे बिना किसी सहारे के अपने बलबूते पर ऐसा बेरहमी से क़त्ल कर ही नहीं सकते.

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उत्तर प्रदेश के बागपत में एक मस्जिद के भीतर हुए तिहरे हत्याकांड में सबको सिहरा कर रख दिया है. इस हत्याकांड में मस्जिद के मुफ्ती की पत्नी और उनके दो मासूम बच्चों को मार डाला गया. बागपत पुलिस ने वारदात के 6 घंटे के भीतर इसका खुलासा करने का दावा करते हुए दो नाबालिग आरोपियों को अरेस्ट कर लिया. पुलिस ने बताया है कि ये दोनों आरोपी मुफ्ती से पढ़ते थे और पढा़ई के लिए डांट-फटकार और मार से नाराज थे. पर अब मुफ्ती के साले इसरार ने पुलिस की इस थ्योरी पर सवाल उठा दिए हैं. मृतका के भाई इसरार ने वीडियो वायरल कर पुलिस की थ्योरी को फर्जी बताते हुए CBI जांच की मांग कर दी है. उसका कहना है कि दो बच्चे मिलकर इतना बड़ा हत्याकांड नहीं कर सकते.  

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मुफ़्ती इसरार  ने आरोप लगाया है कि यह खुलासा पूरी तरह फर्जी है, दो नाबालिग़ बच्चे बिना किसी सहारे के अपने बलबूते पर ऐसा बेरहमी से क़त्ल कर ही नहीं सकते. उन्होंने आगे कहा कि पुलिस ने बच्चों को बुरी तरह पीटकर उनसे गुनाह कबूल करवाया. यहां तक कि उनके सामने भी बच्चों को मारा गया. जब उन्होंने विरोध किया तो पुलिस ने उन्हें भगा दिया. 

थाना दोघट क्षेत्र के गांगनौली गांव की बड़ी मस्जिद में उस वक्त सनसनी फैल गई थी, जब मुफ़्ती की बेगम इसराना और दो मासूम बेटियों की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी. वारदात तब हुई जब मुफ़्ती देवबंद गए थे. सबसे चौंकाने वाली बात ये थी कि हत्या से पहले मस्जिद के CCTV कैमरे बंद कर दिए गए थे. 

महज 6 घंटे बाद घटना का खुलासा करते हुए एसपी बागपत सूरज राय ने बताया था कि इस घटना को मुफ़्ती की पिटाई से नाराज होकर तालीम लेने आने वाले 2 नाबालिग छात्रों ने अंजाम दिया था. इसरार के आरोपों पर भी बागपत पुलिस ने X अकाउंट पर सफाई देते हुए कहा है कि तमाम तथ्यों के साथ आरोपियों को गिरफ्तार की गई है. वहीं इसरार ने एक तहरीर भी मुफ़्ती इब्राहिम के खिलाफ दी थी. इसके बाद जांच में पाया गया कि घटना के वक्त इब्राहिम देवबंद में थे. पुलिस का कहना है कि महिला के भाई द्वारा अपने जीजा को जेल भिजवाने का प्रयास किया गया है.

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