Muzaffarnagar District Hospital ICU Murder News: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां आईसीयू में भर्ती एक मरीज की कथित तौर पर दूसरे मरीज के तीमारदार ने मारपीट कर हत्या कर दी. जिसके बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया. मृतक के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, पूरे मामले की जांच के लिए अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं. इस घटना ने सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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महिला मरीज के तीमारदार से हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक मृतक रमेश पाल लीवर की गंभीर बीमारी से पीड़ित थे और इलाज के लिए मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थे. उसी वार्ड में कमला देवी नाम की एक बुजुर्ग महिला भी सांस संबंधी बीमारी के कारण भर्ती थीं. आरोप है कि रविवार देर रात किसी बात को लेकर कमला देवी के बेटे संजय और रमेश पाल के बीच कहासुनी हो गई. देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और संजय ने रमेश पाल के साथ मारपीट कर दी. घटना कथित तौर पर रात करीब तीन बजे की बताई जा रही है.
इलाज के दौरान हुई मौत
मृतक के परिजनों का आरोप है कि मारपीट के दौरान रमेश पाल की नाक पर गंभीर चोट लगी, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई. इसके बाद उन्हें आईसीयू से इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट किया गया, लेकिन सोमवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. मामले के बाद अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में भी दहशत का माहौल बन गया.
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
पुलिस ने मृतक के परिजनों की तहरीर के आधार पर कोतवाली नगर थाने में आरोपी संजय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया. पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि घटना के समय अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था किस स्तर पर मौजूद थी.
सीसीटीवी फुटेज से जुड़े हर पहलू की होगी जांच
इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ मिश्रा ने बताया कि सोमवार सुबह सूचना मिली थी कि जिला अस्पताल में भर्ती रमेश पाल के साथ रात करीब तीन बजे दूसरे मरीज के परिजनों द्वारा मारपीट की गई थी, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. उन्होंने बताया कि परिजनों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. अब आईसीयू वार्ड और अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि घटना का पूरा क्रम स्पष्ट हो सके.
अस्पताल प्रबंधन की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस का कहना है कि जांच केवल आरोपी की भूमिका तक सीमित नहीं रहेगी. यदि सीसीटीवी फुटेज या अन्य साक्ष्यों में अस्पताल प्रबंधन या सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है, जबकि इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है.
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