1 लाख का इनामी बदमाश मुस्तफिजुल रहमान एनकाउंटर में मारा गया, गोरखपुर में STF की बड़ी कार्रवाई

संतोष शर्मा

• 10:20 AM • 14 Jul 2026

गोरखपुर में यूपी एसटीएफ ने एक लाख रुपये के इनामी बदमाश मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू को मुठभेड़ में मार गिराया. कार्रवाई के दौरान एसटीएफ का एक हेड कांस्टेबल भी घायल हुआ.

Mustafizul Rahman

Mustafizul Rahman (Photo Enhanced by AI)

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Gorakhpur STF Encounter Mustafizul Rahman: उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने गोरखपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लाख रुपये के इनामी बदमाश मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू को मुठभेड़ में मार गिराया. आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश व महाराष्ट्र में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट समेत कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे. मुठभेड़ के दौरान बदमाश की ओर से की गई फायरिंग में एसटीएफ का एक हेड कांस्टेबल भी घायल हो गया, जिसका इलाज कराया जा रहा है.

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घेराबंदी के बाद शुरू हुई फायरिंग

जानकारी के अनुसार एसटीएफ की लखनऊ और गोरखपुर यूनिट ने संयुक्त अभियान चलाकर गोरखपुर के रामनगर करजहा से कुशीनगर लेन के पास कार्रवाई की. टीम को सूचना मिली थी कि मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू इस इलाके में मौजूद है. सूचना मिलते ही एसटीएफ ने इलाके की घेराबंदी कर दी. खुद को चारों ओर से घिरा देखकर आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया. इसके बाद उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ का एक हेड कांस्टेबल भी गोली लगने से घायल हो गया.

यूपी और महाराष्ट्र में दर्ज थे कई गंभीर मुकदमे

एसटीएफ के मुताबिक, मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू आजमगढ़ जिले के मेहनगर थाना क्षेत्र के खुन्दनपुर गांव का रहने वाला था. उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े 10 से अधिक मुकदमे दर्ज थे. लगातार फरार रहने के कारण उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था. पुलिस काफी समय से उसकी तलाश कर रही थी और वह कई मामलों में वांछित चल रहा था.

महाराष्ट्र पुलिस की हिरासत से भी हुआ था फरार

जांच एजेंसियों के अनुसार, मुस्तफिजुल रहमान दिसंबर 2024 में महाराष्ट्र के अमरावती जिले में पुलिस हिरासत से फरार हो गया था. इसके बाद उसकी तलाश कई राज्यों में की जा रही थी. उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के मेहनगर थाने में भी उसके खिलाफ अलग-अलग सालों में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. फरारी के दौरान भी पुलिस लगातार उसके संभावित ठिकानों पर नजर बनाए हुए थी और इनपुट मिलने के बाद एसटीएफ ने यह कार्रवाई की.

दो दशक से अपराध की दुनिया में था सक्रिय

आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड करीब दो दशक पुराना बताया गया है. उसके खिलाफ साल 2003 में चोरी का पहला मुकदमा दर्ज हुआ था. इसके बाद साल 2008 में हत्या के प्रयास का मामला सामने आया. साल 2011 और 2012 में हत्या और हत्या के प्रयास से जुड़े मामलों में भी उसका नाम सामने आया, जिसके बाद वह फरार हो गया और अदालत की ओर से उसके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई भी की गई. साल 2021 में हत्या, आपराधिक साजिश, धमकी और फरारी से जुड़े कई नए मुकदमे दर्ज हुए. वहीं साल 2024 में भी उसके खिलाफ नए मामले दर्ज किए गए. एसटीएफ का कहना है कि आरोपी लंबे समय से कानून से बचता फिर रहा था और अब संयुक्त अभियान के दौरान उसका आपराधिक सफर समाप्त हो गया.