मेरठ-सहारनपुर खंड शिक्षक-स्नातक एमएलसी चुनाव के दौरान शुक्रवार को मुजफ्फरनगर के डीएवी कॉलेज मतदान केंद्र पर उस वक्त सियासी पारा चढ़ गया, जब उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल अपना वोट डालने पहुंचे. मंत्री के साथ उनके समर्थकों के अंदर जाने को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध जताया. सपा जिला अध्यक्ष जिया चौधरी और भाजपा कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने से मतदान केंद्र के बाहर जमकर हंगामा और तीखी नोकझोंक हुई जिसके बाद मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को संभाला.
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क्या है पूरा विवाद और कैसे शुरू हुआ हंगामा?
मुजफ्फरनगर के डीएवी कॉलेज बूथ पर जब मंत्री कपिल देव अग्रवाल अपने समर्थकों के साथ मतदान करने पहुंचे तो सपा जिला अध्यक्ष जिया चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया. सपा नेताओं का आरोप था कि मंत्री अपने समर्थकों के साथ अवैध रूप से भीड़ लेकर अंदर जा रहे हैं. सपा जिला अध्यक्ष ने ऑन कैमरा यह भी सवाल उठाया कि क्या कोई जनप्रतिनिधि मुख्य चुनाव एजेंट बन सकता है? उन्होंने मंत्री पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए उन्हें तुरंत बाहर निकालने की मांग की.
मंत्री कपिल देव अग्रवाल का पलटवार
विवाद बढ़ने पर मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने साफ किया कि वह अपना वोट डालने और बतौर चीफ इलेक्शन एजेंट वहां मौजूद हैं. मंत्री ने सपा कार्यकर्ताओं पर हमला बोलते हुए कहा कि हंगामा करना, शोर मचाना और उपद्रव करना उनकी आदत है जब वे चुनाव हार रहे होते हैं. उन्होंने दो टूक कहा कि निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत वह शाम तक वहीं रहेंगे और कोई उन्हें हटा नहीं सकता.
प्रशासन की दखल और स्थिति नियंत्रण में
मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्रा ने स्थिति का जायजा लिया और स्पष्ट किया कि 'बूथ कैप्चिंग' के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं. डीएम ने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत पूरी कार्रवाई की जा रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण और नियमानुसार हो. कैंपस के अंदर केवल वैध मतदाताओं और अधिकृत लोगों को ही रहने की अनुमति दी जाएगी.
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