Moradabad News: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में दो बड़े स्थानों के नाम बदलने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुरादाबाद के 'लाइनपार' क्षेत्र का नाम बदलकर पूर्व कांग्रेसी विधायक और राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख नेता दाऊ दयाल खन्ना के नाम पर रखने की घोषणा की है. इसके साथ ही गोंडा के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज का नाम भी देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर रखा जाएगा.
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राम मंदिर आंदोलन में योगदान का सम्मान
मुरादाबाद में 365 करोड़ रुपये से अधिक की 63 विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह बड़ा ऐलान किया. दाऊ दयाल खन्ना को याद करते हुए सीएम योगी ने कहा,
"साल 1983 में जब 'श्री राम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति' का गठन हुआ था, तब मेरे गुरु महंत अवैद्यनाथ इसके अध्यक्ष थे और दाऊ दयाल खन्ना इसके महासचिव थे. खन्ना जी ने अपना पूरा जीवन राम मंदिर आंदोलन के लिए समर्पित कर दिया. उनके इसी ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देने के लिए लाइनपार इलाके का नाम उनके नाम पर रखा जा रहा है."
कौन थे दाऊ दयाल खन्ना?
जब भी अयोध्या के भव्य श्री राम मंदिर के इतिहास के पन्ने पलटे जाएंगे, तब एक नाम सुनहरे अक्षरों में सामने आएगा दाऊदयाल खन्ना. यह वो नाम है जिसने देश की राजनीति और राम मंदिर आंदोलन की दिशा बदल दी थी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राम मंदिर आंदोलन की औपचारिक शुरुआत का श्रेय काफी हद तक दाऊदयाल खन्ना को ही जाता है.
कांग्रेस में रहकर इंदिरा गांधी को लिखा था पत्र
दाऊदयाल खन्ना की सबसे बड़ी खासियत उनका साहस था. वह मुरादाबाद के रहने वाले थे और उस समय कांग्रेस के एक कद्दावर नेता थे. कांग्रेस में रहते हुए और संगठन की तमाम बंदिशों को दरकिनार करते हुए, उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को एक पत्र लिखा था. इस पत्र में उन्होंने सीधे तौर पर रामजन्मभूमि की मुक्ति की मांग उठाई थी.
स्वतंत्रता सेनानी से यूपी के स्वास्थ्य मंत्री तक का सफर
दाऊदयाल खन्ना सिर्फ एक आंदोलनकारी नहीं, बल्कि देश के प्रति समर्पित एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भी थे:
भारत छोड़ो आंदोलन (1942): देश की आजादी के लिए उन्होंने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अंग्रेजों के खिलाफ बिगुल फूंकने के कारण उन्हें जेल भी जाना पड़ा.
उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री (1962-1967): आजादी के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में अपनी सेवाएं दीं और 1962 से 1967 तक उत्तर प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में शानदार काम किया.
योगी सरकार ने चुकाया 'ऋण'
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुरादाबाद के एक बड़े इलाके का नाम दाऊदयाल खन्ना के नाम पर रखकर योगी सरकार ने न केवल एक स्वतंत्रता सेनानी को सम्मान दिया है, बल्कि राम मंदिर आंदोलन के एक बड़े नेता को भी इतिहास में सही जगह दी है, जिसे मुख्यधारा की राजनीति ने लंबे समय तक भुलाए रखा था.
गोंडा पॉलिटेक्निक का नाम भी बदला
इस घोषणा के तुरंत बाद मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी दी कि गोंडा के राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज का नाम अब 'सरदार वल्लभभाई पटेल राजकीय पॉलिटेक्निक, गोंडा' होगा.
गोंडा की गौरा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक प्रभात कुमार वर्मा ने इस फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और तकनीकी शिक्षा मंत्री आशीष पटेल का धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार ने उनके विशेष अनुरोध पर यह कदम उठाया है.
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