आखिर मौत से पहले संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी के साथ क्या हुआ था? सब कुछ चल गया पता

यूपी तक

• 04:29 PM • 01 Oct 2026

संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी उर्फ दीपक लोधी की मौत से पहले क्या हुआ था? पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सिर में फ्रैक्चर, पसलियां टूटने और अत्यधिक रक्तस्राव का खुलासा हुआ है.

Rasik Dulari Sharan Life Story

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संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी (जो साधु के रूप में रह रहे थे) की मौत से पहले उनके साथ क्या-क्या हुआ था, इसकी विस्तृत जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आई है. 26 सितंबर 2026 को मथुरा स्थित पोस्टमॉर्टम हाउस में कराए गए पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में मौत का मुख्य कारण अत्यधिक रक्तस्राव (हेमरेजिक शॉक) बताया गया है, जो मौत से पहले लगी गंभीर चोटों से संबंधित है. रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि शरीर से पेनिस अलग हो गया था. शव की पहचान पुलिसकर्मी HC 632 जितेंद्र कुमार और मृतक के भाई मनीष पटेल द्वारा की गई थी. पोस्टमॉर्टम के समय मृत्यु को लगभग एक दिन बीतने का अनुमान लगाया गया था.

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रसिक दुलारी को कहां-कहां लगी थी चोट?

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर सिर से लेकर छाती तक कई बाहरी और अंदरूनी चोटों का जिक्र किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, सिर पर करीब 14 टांकों वाला घाव मिला, सिर के ऑक्सिपिटल क्षेत्र में हेमेटोमा, खोपड़ी में हेयरलाइन फ्रैक्चर और मस्तिष्क में भी हेमेटोमा पाया गया. इसके अलावा निचले होंठ, ठुड्डी, टखने और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोटें दर्ज की गईं, जिसमें टखने की अंदरूनी हड्डी का फ्रैक्चर शामिल है. छाती की जांच में बाईं ओर पांचवीं से आठवीं पसली तक फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है और बायां फेफड़ा फटा हुआ पाया गया. दोनों फेफड़ों में पीलापन और फेफड़ों के आसपास की गुहा में रक्त पाया गया.

अब जांच के बाद ही सब साफ होगा!

इसके अलावा, पेट की गुहा में करीब 100 मिलीलीटर पानी जैसा द्रव मिला. रिपोर्ट के मुताबिक लीवर पीला और पित्ताशय भरा हुआ था, जबकि हृदय के दोनों चैंबर खाली पाए गए. रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि रीढ़ की हड्डी की जांच नहीं की गई थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट केवल चोटों और मृत्यु के चिकित्सकीय निष्कर्षों को दर्ज करती है. ऐसे में शरीर पर मिली इन गंभीर चोटों के बाद अब पुलिस के लिए यह जांचना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है कि ये चोटें किन परिस्थितियों में लगीं और मौत का पूरा घटनाक्रम क्या था.

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