मेरठ के चर्चित नीला ड्रम केस में अदालत ने मुख्य आरोपी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई है. मौत का फरमान सुनते ही उम्रकैद की उम्मीद लगाए बैठे दोनों आरोपियों के पैरों तले जमीन खिसक गई और वे फूट-फूट कर रो पड़े. सजा के ऐलान के बाद अब दोनों को जेल में नए कैदी नंबर और खास ड्रेस भी आवंटित कर दी गई है.
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फांसी का फरमान सुनते ही सदमे में डूबे, छूटा खाना-पीना
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट से जुड़े मुस्कान और साहिल को लग रहा था कि उन्हें उम्रकैद की सजा मिलेगी. लेकिन जब जज साहब ने मृत्युदंड का ऐलान किया, तो दोनों गहरे सदमे में चले गए. जज का फैसला सुनते ही दोनों के चेहरे के रंग उड़ गए और वे वीसी रूम में ही बिलख-बिलख कर रोने लगे. जेल अधीक्षक के मुताबिक, मौत की सजा मिलने के बाद सदमे में आए दोनों आरोपियों ने खाना-पीना पूरी तरह छोड़ दिया है.
जेल प्रशासन ने दोनों की सुरक्षा बढ़ा दी है. उनकी स्थिति को देखते हुए काउंसलिंग कराई गई है और सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे उन पर कड़ी नजर रखी जा रही है.
अब जेल में पहननी होगी कैदी नंबर 395 और 396 की जर्सी
अदालत के फैसले के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी होते ही दोनों को जेल के नियमानुसार औपचारिक तौर पर कैदी नंबर दे दिए गए हैं और जेल के कपड़े पहनाए गए हैं.
साहिल को कैदी नंबर 395 मिला है जिसे जेल में अब सफेद रंग का कुर्ता-पजामा पहनना होगा. वहीं मुस्कान को कैदी नंबर 396 मिला है जिसे क्रीम कलर की साड़ी या सूट दिया गया है.
क्या है पूरा मामला
3 मार्च 2025 को मेरठ में सौरभ राजपूत की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. इसके बाद शव के करीब 15 टुकड़े कर उन्हें नीले ड्रम में भरा गया और सीमेंट के घोल से सील कर दिया गया था.
इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने के बाद मुस्कान और साहिल हिमाचल की वादियों में घूमने चले गए थे, जहां उनके जश्न मनाने की तस्वीरें और वीडियो सामने आए थे. आखिरकार मुस्कान के माता-पिता द्वारा पुलिस के हवाले किए जाने और साहिल की गिरफ्तारी के बाद यह राज खुला था.
पिछले डेढ़ साल से जेल में बंद मुस्कान से मिलने उसका कोई भी परिजन नहीं आया. वह अपनी बड़ी बेटी से मिलने की इच्छा जरूर जताती है. लेकिन परिजनों और बड़ी बेटी ने उससे मिलने से साफ इंकार कर दिया है, जबकि जेल के नियमों के तहत उसकी छोटी बेटी इस समय उसके साथ महिला बैरक में ही रह रही है.
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