Mathura News: महापंचायत से पहले नजरबंद का आरोप, भाकियू (चढ़ूनी) ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

Newzo

• 05:16 PM • 21 Jul 2026

Mathura Bhartiya Kisan Union: दिल्ली के किसान घाट पर प्रस्तावित महापंचायत से पहले भाकियू (चढ़ूनी) ने मथुरा में कई पदाधिकारियों को कथित तौर पर नजरबंद किए जाने का आरोप लगाया है. संगठन ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया, जबकि समाचार लिखे जाने तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई.

महापंचायत से पहले नजरबंद का आरोप, भाकियू (चढ़ूनी) ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

महापंचायत से पहले नजरबंद का आरोप, भाकियू (चढ़ूनी) ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

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Mathura News: भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने दिल्ली के किसान घाट पर प्रस्तावित महापंचायत से पहले संगठन के कई पदाधिकारियों को पुलिस द्वारा नजरबंद किए जाने का आरोप लगाया है.  संगठन का दावा है कि महापंचायत में शामिल होने से रोकने के उद्देश्य से सोमवार रात से ही कई पदाधिकारियों के घरों पर पुलिस तैनात कर दी गई.

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भाकियू (चढ़ूनी) की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 20 जुलाई की रात करीब 11:30 बजे से प्रदेश प्रवक्ता एवं आगरा मंडल अध्यक्ष रामवीर सिंह तोमर, जिलाध्यक्ष संजय पाराशर, मंडल प्रवक्ता गौरव सिंह, सतीश सहित कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को घरों से बाहर नहीं निकलने दिया गया. संगठन का आरोप है कि यह कार्रवाई दिल्ली में आयोजित महापंचायत में उनकी भागीदारी रोकने के उद्देश्य से की गई.

प्रदेश प्रवक्ता रामवीर सिंह तोमर ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है. किसानों को महापंचायत में जाने से रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है.

जिलाध्यक्ष संजय पाराशर ने कहा कि संगठन किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेगा और किसी भी दबाव में पीछे नहीं हटेगा. वहीं मंडल प्रवक्ता गौरव सिंह ने कहा कि किसानों और युवाओं की आवाज को बलपूर्वक नहीं दबाया जा सकता तथा सरकार को संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए.भाकियू (चढ़ूनी) ने पदाधिकारियों की कथित नजरबंदी समाप्त करने और लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करने की मांग की है.

हालांकि, इस मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.