रसिक दुलारी की मौत के बाद वृंदावन के केली कुंज आश्रम में बड़े बदलाव, शिष्यों के पहनावे को लेकर भी नए नियम जारी

यूपी तक

• 10:08 AM • 01 Oct 2026

मथुरा-वृंदावन के केली कुंज आश्रम में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के बाद कई व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया है. आश्रम ने फाइनल दीक्षा, टोकन के जरिए दर्शन और दीक्षा उपस्थिति को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है.

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मथुरा-वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के बाद केली कुंज आश्रम में व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया है. आश्रम की ओर से अब फाइनल दीक्षा अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी गई है. इसके साथ ही टोकन के जरिए होने वाले दर्शन भी फिलहाल बंद कर दिए गए हैं.

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केली कुंज में सेवा से जुड़े सेवादारों ने माइक के जरिए भक्तों को इसकी जानकारी दी. बताया गया कि यमुना विहार कुंज, बेलवन वाले आश्रम में होने वाले दर्शन भी अब नहीं होंगे. पहले यहां दीक्षित भक्तों को दर्शन की व्यवस्था मिल रही थी.

दीक्षा को लेकर भी बदली व्यवस्था

29 सितंबर को सामने आई सूचना में कहा गया था कि दीक्षा उपस्थिति चल रही है और पहले से तय समय के मुताबिक भक्त आ सकते हैं. हालांकि 30 सितंबर की सूचना में बताया गया कि दीक्षा उपस्थिति भी अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी गई है.

इसका असर उन भक्तों पर पड़ा जो सुबह से दीक्षा उपस्थिति के लिए केली कुंज पहुंच रहे थे. सामने आई सूचना के मुताबिक, व्यवस्था संभालने वाले शिष्य परिकर को नए आश्रम में बैठक के लिए बुलाया गया था. इसके बाद दीक्षा उपस्थिति बंद किए जाने की जानकारी दी गई.

शिष्यों की वेशभूषा में भी बदलाव

आश्रम से जुड़े एक अन्य नोटिस में शिष्यों की वेशभूषा को लेकर बदलाव की जानकारी दी गई है. इसमें कहा गया है कि अब सभी शिष्य सफेद या पीला अचला नहीं पहन सकेंगे.

विरक्त या गृहस्थ शिष्य जो किसी व्यवसाय से जुड़े हैं, जैसे ठेला या दुकान चलाते हैं, उन्हें सामान्य कपड़े या कुर्ता-पायजामा पहनने के निर्देश दिए गए हैं. सेवा से जुड़े गृहस्थ शिष्यों के लिए भी सामान्य कपड़े या कुर्ता-पायजामा पहनना अनिवार्य किया गया है.

सफेद वस्त्र पहनने की अनुमति उन विरक्त शिष्यों को होगी जो प्रेमानंद महाराज की सेवा या केली कुंज की व्यवस्था में लगे हैं. नोटिस में यह भी कहा गया है कि आने वाले समय में दीक्षा लेने वाले और महाराज के नए शिष्यों पर भी इन बदलावों का असर पड़ेगा.

दीपक लोधी की मौत के बाद उठ रहे कई सवाल

रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला लगातार चर्चा में है. पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया है. मौत के पीछे क्या वजह रही, इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है.

सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. खास तौर पर दीपक लोधी का प्राइवेट पार्ट शरीर से अलग होने की बात चर्चा में है. हालांकि इसकी वजह क्या थी और मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है.

केली कुंज आश्रम की ओर से भी इस मामले पर कैमरे के सामने कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है. इसलिए फिलहाल मौत की वजह को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. आश्रम की व्यवस्थाओं में हुए बदलावों से इतना जरूर साफ है कि फाइनल दीक्षा, टोकन दर्शन और दीक्षा उपस्थिति से जुड़ी व्यवस्थाओं को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है.

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