वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में भारतीय क्रिकेट स्टार विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा की आध्यात्मिक यात्रा को लेकर शुरू हुआ विवाद अब नया मोड़ ले चुका है. श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने विराट कोहली पर 5 करोड़ रुपये लेकर आश्रम आने का दावा किया था. लेकिन इसे लेकर संत समाज में भारी आक्रोश फैल गया था.
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प्रेमानंद महाराज के प्रति साधु-संतों और श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए जब चौतरफा विरोध शुरू हुआ तो दिनेश फलाहारी महाराज को तुरंत बैकफुट पर आना पड़ा. संतों के गुस्से को देखते हुए उन्होंने अपने आरोपों को वापस लेते हुए बिना शर्त माफी मांग ली है. हालांकि विवाद पैदा कर बैकफुट पर आने का फलाहारी महाराज का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी वह श्री कृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट पर अनर्गल आरोप लगाकर माफी मांग चुके हैं.
5 करोड़ के आरोप से भड़का विवाद
भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा अक्सर ही वृंदावन में प्रेमानंद महाराज से मिलने आते रहते हैं. इस दौरान का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होता है. लेकिन बीते 25 सितंबर को प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद राधा केलि कुंज आश्रम को लेकर कई सवाल खड़े होने लगे. इस बीच श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि विराट कोहली 5 करोड़ लेकर प्रेमानंद महाराज से मिलने आए थे. दिनेश फलाहारी महाराज के आरोप के बाद विराट कोहली की टीम की तरफ से एक ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी कर इसे पूरी तरह गलत बताया गया.
वृंदावन के संतों में आक्रोश, खड़ा हुआ बड़ा विरोध
विराट कोहली और प्रेमानंद महाराज पर लगाए गए इस आरोप की खबर जैसे ही फैली, वृंदावन के धर्मचार्यों, साधु-संतों और ब्रजवासियों में जबरदस्त गुस्सा देखने को मिला. संतों का कहना था कि पूज्य प्रेमानंद जी महाराज धन-दौलत और दिखावे से कोसों दूर रहने वाले संत हैं. उनके आश्रम और दर्शनार्थी श्रद्धालुओं पर इस तरह के अनर्गल और भ्रामक आरोप लगाना वृंदावन की संत परंपरा का अपमान है.
चौतरफा घिरे फलाहारी बाबा ने तुरंत मांगी माफी
संतों के विरोध और सामाजिक दबाव को देखते हुए दिनेश फलाहारी महाराज तुरंत बैकफुट पर आ गए. उन्होंने मामले की गंभीरता को समझते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और कहा 'वृंदावन के सभी संत मेरे लिए सदैव पूजनीय और सम्माननीय हैं. मैं धर्म और संतों का हमेशा आदर करता हूं. मेरे बयान से यदि पूज्य प्रेमानंद जी महाराज के मन या आत्मा को कोई कष्ट पहुंचा है, तो इसके लिए मैं हाथ जोड़कर क्षमा मांगता हूं. प्रेमानंद जी महाराज मेरे लिए पहले भी पूजनीय थे और आज भी हैं.'
पहले भी आरोप लगाकर मांग चुके हैं माफी
स्थानीय लोगों और संतों के अनुसार, दिनेश फलाहारी महाराज का यह रवैया नया नहीं है. वे अक्सर सुर्खियों में रहने के लिए बड़े मंचों या हस्तियों पर सनसनीखेज आरोप लगाते हैं और जब मामला तूल पकड़ता है तो माफी मांग लेते हैं. इससे पहले भी उन्होंने श्री कृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाए थे. लेकिन जब कानूनी और सामाजिक दबाव बढ़ा तो उन्होंने बैकफुट पर आकर माफी मांग ली थी.
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