श्रद्धा दुबे की फरारी में नया खुलासा! बॉयफ्रेंड आमिर ने दिया था मोबाइल और फर्जी सिम, क्या छिपाना चाहती थी मॉडल?

आशीष श्रीवास्तव

21 Oct 2026 (अपडेटेड: 21 Oct 2026, 04:09 PM)

लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में मॉडल श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उसके कथित मददगारों की भूमिका की जांच कर रही है. इस मामले में श्रद्धा के बॉयफ्रेंड आमिर को हिरासत में लिया गया है.

Shraddha Dubey Case

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Shraddha Dubey Case: लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में मॉडल श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उसके कथित मददगारों की भूमिका की जांच कर रही है. इस मामले में श्रद्धा के बॉयफ्रेंड आमिर को हिरासत में लिया गया है. आरोप है कि 9 अक्टूबर की रात जब श्रद्धा लखनऊ से फरार हुई, तब आमिर भी उसके साथ था. इतना ही नहीं, उसने श्रद्धा को नेपाल बॉर्डर तक पहुंचाने के साथ एक मोबाइल फोन और फर्जी पहचान पत्र पर लिया गया सिम कार्ड भी उपलब्ध कराया था. पुलिस अब आमिर की भूमिका, श्रद्धा की फरारी के दौरान उसके संपर्कों और अलग-अलग शहरों में उसकी आवाजाही से जुड़े सुरागों की पड़ताल कर रही है. जांचकर्ताओं की कोशिश है कि शिवा शर्मा की मौत से पहले और बाद की घटनाओं को जोड़कर पूरे मामले की कड़ियां स्पष्ट की जा सकें.

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लखनऊ से फरार हुई थी श्रद्धा

जांच से जुड़े इनपुट के मुताबिक श्रद्धा दुबे 9 अक्टूबर की रात लखनऊ से निकली थी. आरोप है कि उस समय उसका बॉयफ्रेंड आमिर भी उसके साथ था और उसने श्रद्धा को नेपाल बॉर्डर तक पहुंचाने में मदद की. पुलिस की जांच में आमिर की भूमिका इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि उस पर फरारी के दौरान श्रद्धा को जरूरी साधन उपलब्ध कराने का आरोप है. हालांकि, दोनों ने किन रास्तों से यात्रा की और इस दौरान कहां-कहां रुके, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आ सकेगी. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि लखनऊ छोड़ने के बाद श्रद्धा की यात्रा की योजना किसने बनाई और उसे किन लोगों का सहयोग मिला.

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फर्जी आईडी वाले सिम का आरोप

पुलिस से जुड़े इनपुट के अनुसार, आमिर ने श्रद्धा को एक मोबाइल फोन भी दिया था. आरोप है कि इस फोन में इस्तेमाल करने के लिए फर्जी पहचान पत्र पर लिया गया सिम कार्ड भी उसी ने उपलब्ध कराया. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस मोबाइल और सिम कार्ड का इस्तेमाल किन लोगों से संपर्क करने के लिए किया गया. पुलिस को शक है कि फरारी के दौरान संपर्क बनाए रखने के लिए इनका इस्तेमाल हुआ होगा, लेकिन बातचीत और कॉल से जुड़ी जानकारी की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. जांचकर्ता मोबाइल फोन, सिम कार्ड और दूसरे डिजिटल सुरागों को श्रद्धा की आवाजाही से जोड़कर देख रहे हैं, ताकि उसके संपर्कों और कथित मददगारों की पहचान की जा सके.

करीब 200 CCTV कैमरों की फुटेज से मिला सुराग

श्रद्धा की तलाश में पुलिस ने कई जगहों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक संदिग्धों के उत्तर प्रदेश नंबर वाली किराए की गाड़ी से नागपुर पहुंचने की जानकारी मिली थी. वहां से वे गणेशपेठ इलाके में गए और फिर चिंचभुवन जाने के लिए ई-रिक्शा का इस्तेमाल किया. ई-रिक्शा की आवाजाही के रास्ते पर लगे कैमरों की फुटेज की जांच की गई. बताया जा रहा है कि पुलिस ने करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालकर संदिग्धों की गतिविधियों को जोड़ने की कोशिश की. इन्हीं सुरागों के आधार पर पुलिस नागपुर के चिंचभुवन इलाके में स्थित एक अपार्टमेंट तक पहुंची.

11वीं मंजिल के फ्लैट से गिरफ्तारी

पुलिस के मुताबिक नागपुर के चिंचभुवन इलाके में जिस अपार्टमेंट तक जांच टीम पहुंची, वहां 11वीं मंजिल पर स्थित किराए के फ्लैट से श्रद्धा दुबे और उसके साथ मौजूद लोगों को पकड़ा गया. श्रद्धा को मंगलवार को नागपुर से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी. अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाने की तैयारी है, जिसके बाद उससे विस्तार से पूछताछ की जाएगी. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि नागपुर पहुंचने से पहले श्रद्धा किन जगहों पर रुकी थी, फ्लैट की व्यवस्था किसने की और वहां उसके साथ मौजूद लोगों की क्या भूमिका थी. आमिर को हिरासत में लिए जाने के बाद उसके संपर्कों और कथित मदद की भी जांच की जा रही है.

नेपाल, आगरा, लखनऊ और कानपुर के बीच आवाजाही

जांच के दौरान श्रद्धा की आवाजाही को लेकर नेपाल, आगरा, लखनऊ और कानपुर का जिक्र सामने आया है. पुलिस इन शहरों में उसकी मौजूदगी के समय, यात्रा के साधनों और उसके साथ रहे लोगों की जानकारी जुटा रही है. इनपुट के मुताबिक फरारी के दौरान श्रद्धा ने छोटे वाहनों और टैक्सी का इस्तेमाल किया था. आरोप है कि वह टैक्सी चालक के मोबाइल फोन से कॉल करती थी और बातचीत के बाद फोन लौटा देती थी. जांचकर्ताओं को संदेह है कि इस तरीके से वह अपने इस्तेमाल के फोन और संपर्कों के निशान कम करना चाहती थी. हालांकि, इस गतिविधि के पीछे उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा.

आगरा में 24 घंटे रुकने की जानकारी

नागपुर पहुंचने से पहले श्रद्धा के आगरा जाने की जानकारी भी जांच का हिस्सा है. बताया जा रहा है कि वह अपनी बहन रश्मि के साथ आगरा पहुंची थी. इस दौरान उसके बुर्का पहनने का दावा किया गया है. जानकारी के मुताबिक श्रद्धा आगरा के ताज नगरी फेज-1 स्थित होटल ओम पैलेस में करीब 24 घंटे तक रुकी थी. होटल में श्रद्धा और उसके साथ मौजूद एक व्यक्ति की मौजूदगी से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज सामने आने की बात भी कही गई है. पुलिस अब होटल में ठहरने के दौरान उसके साथ मौजूद लोगों, वहां पहुंचने के तरीके और आगे की यात्रा से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है. 

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मोबाइल चलाने की कोशिश से भी मिला इनपुट

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक नागपुर के फ्लैट में मोबाइल फोन चलाने की कोशिश के दौरान एक अहम इनपुट सामने आया, जो एसटीएफ तक पहुंचा. हालांकि, बताया गया है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस टीम इससे पहले ही संदिग्धों तक पहुंच चुकी थी. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फरारी के दौरान इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और सिम कार्ड के जरिए किन लोगों से संपर्क किया गया. साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि श्रद्धा की लोकेशन और ठिकानों की जानकारी किसे थी और उसे यात्रा या छिपने में किस-किस ने मदद पहुंचाई. आमिर की कथित भूमिका भी इसी जांच का हिस्सा है.

मौत से जुड़े सवालों की पड़ताल जारी

शिवा शर्मा की मौत के मामले में श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उसके फरार रहने के पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है. आमिर को हिरासत में लिए जाने से जांच उसके कथित सहयोग और संपर्कों तक पहुंच गई है. पुलिस के सामने अहम सवाल हैं कि श्रद्धा को लखनऊ से निकलने में किसने मदद की, नेपाल बॉर्डर तक पहुंचाने की व्यवस्था कैसे हुई और मोबाइल फोन व फर्जी आईडी पर लिए गए सिम कार्ड का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया. साथ ही, अलग-अलग शहरों में उसके ठहरने और यात्रा की व्यवस्था करने वालों की भूमिका भी जांच के दायरे में है. फिलहाल, इन आरोपों और संपर्कों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. पुलिस की पूछताछ और आगे मिलने वाले सबूतों से ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट होगी.