Lucknow Fuel Adulteration News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पेट्रोल-डीजल की चोरी और मिलावट का एक बड़ा मामला सामने आया है. उत्तर प्रदेश पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 'ऑपरेशन एथेनॉल शील्ड' के तहत कार्रवाई करते हुए मलिहाबाद इलाके में ईंधन की चोरी और मिलावट करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है. साथ ही पुलिस ने संन्यासी बाग फ्लाईओवर के पास छापेमारी कर टैंकर चालक समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. बता दें शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह टैंकर से पेट्रोल-डीजल निकालकर उसमें खतरनाक साल्वेंट मिलाता था और फिर उसे बाजार में बेच देता था.
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सीक्रेट ऑपरेशन के बाद बिछाया गया जाल
क्राइम ब्रांच के अनुसार पिछले कुछ समय से कई वाहनों में तकनीकी खराबी की शिकायतें मिल रही थीं. इसी के बाद ईंधन में मिलावट की आशंका को देखते हुए एक गुप्त जांच शुरू की गई. इसी जांच के तहत ऑपरेशन एथेनॉल शील्ड चलाया गया. एडीसीपी (क्राइम) किरण यादव ने बताया कि पुलिस को संदेह था कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के नाम पर अवैध मिलावट का खेल चल रहा है. इसके बाद मलिहाबाद के संन्यासी बाग फ्लाईओवर के पास जाल बिछाकर एचपीसीएल के अमौसी टर्मिनल से विधानसभा मार्ग स्थित फिलिंग स्टेशन की ओर जा रहे एक टैंकर को रोका गया.
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
इस कार्रवाई में मलिहाबाद निवासी अनिल कुमार, काकोरी निवासी अभिषेक राजपूत, उन्नाव निवासी धीरज सिंह और हरदोई निवासी टैंकर चालक रामतीर्थ को गिरफ्तार किया गया. पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अमौसी टर्मिनल से निकलने वाले टैंकर से रास्ते में ही पेट्रोल और डीजल निकाल लिया जाता था. इसके बाद चोरी किया गया ईंधन अनिल कुमार को महज 75 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचा जाता था. अनिल उसमें साल्वेंट मिलाकर उसे अधिक कीमत पर बाजार में बेच देता था.
16 हजार लीटर से ज्यादा ईंधन और साल्वेंट बरामद
क्राइम ब्रांच और आबकारी विभाग की संयुक्त जांच में मौके से बड़ी मात्रा में ईंधन और अन्य सामग्री बरामद की गई. पुलिस ने 7750 लीटर पेट्रोल, 4000 लीटर डीजल, 1150 लीटर मिश्रित पेट्रोल और करीब 3200 लीटर साल्वेंट जब्त किया है. इसके अलावा टैंकर के पाइप और चैम्बर से 250 लीटर चोरी का तेल भी बरामद हुआ. मौके से मास्टर चाबी, डिप रॉड और प्लास्टिक पाइप जैसे उपकरण भी मिले, जिनका इस्तेमाल ईंधन निकालने और मिलावट के लिए किया जाता था.
पुलिस अब पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी
पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआती चरण है. अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. साथ ही उन पेट्रोल पंपों और अन्य खरीदारों की भी जांच की जा रही है, जहां यह मिलावटी ईंधन पहुंचाया जाता था. अधिकारियों का कहना है कि पूरे रैकेट का खुलासा होने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.
वाहन चालकों के लिए भी अहम चेतावनी
जांच एजेंसियों का मानना है कि ईंधन में इस तरह की अवैध मिलावट वाहनों के इंजन को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है. इसी वजह से पिछले कुछ समय से कई वाहनों में तकनीकी खराबियों की शिकायतें सामने आ रही थीं. पुलिस और आबकारी विभाग अब ऐसे नेटवर्क पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि मिलावटी ईंधन की आपूर्ति पर रोक लगाई जा सके और उपभोक्ताओं को सुरक्षित ईंधन उपलब्ध कराया जा सके.
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