कानपुर जिला अध्यक्ष अनिल दीक्षित अस्पताल में भर्ती हुए तो वॉर्ड को ही बना लिया दफ्तर, बोर्ड लगा शुरू कर दी नेतागिरी

रंजय सिंह

• 04:41 PM • 25 Mar 2025

Kanpur News: भाजपा ने हाल ही में कानपुर उत्तर जिले का जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित को बनाया है. जिलाध्यक्ष बनने के एक दिन बाद ही वह घर की सीढ़ियो से गिर गए और उनकी जांघ में फ्रैक्चर हो गया. अब उन्होंने अस्पताल में ही भाजपा की बैठक बुला ली.

Kanpur News, Kanpur News News, Kanpur Viral News, Kanpur BJP, UP News, कानपुर, कानपुर बीजेपी, यूपी न्यूज

Kanpur News

Google CTA

Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में भाजपा की जिला बैठक प्राइवेट अस्पताल में संपन्न हुई. अब आप भी सोच रहे होंगे कि प्राइवेट अस्पताल में भाजपा की बैठक कैसे आयोजित हो गई? दरअसल कानपुर उत्तर के भाजपा विधायक अस्पताल में भर्ती थे. ऐसे में जिलाध्यक्ष के आदेशों पर प्राइवेट अस्पताल के वार्ड में ही जिला भाजपा की बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में भाजपा के 2 दर्जन से अधिक जिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे.

यह भी पढ़ें...

अस्पताल के सेकेंड फ्लोर पर मौजूद मरीज केयर वार्ड में ये बैठक हुई. जिस बिस्तर पर भाजपा जिलाध्यक्ष भर्ती थे, उसके ऊपर बैनर लगाया गया और फिर ये बैठक आयोजित की गई. अब इसकी फोटो काफी वायरल हो रही है. 

अस्पताल में भाजपा की बैठक

दरअसल भाजपा ने हाल ही में कानपुर उत्तर जिले का जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित को बनाया है. जिलाध्यक्ष बनने के एक दिन बाद ही वह घर की सीढ़ियो से गिर गए और उनकी जांघ में फ्रैक्चर हो गया. करीब 6 दिन पहले उनका ऑपरेशन किया गया है. तब से वो आर्य नगर स्थित वेदांता अस्पताल में भर्ती हैं.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के 8 वर्ष पूरे होने पर कानपुर में पार्टी द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं. इसको लेकर जिलाध्यक्ष ने अस्पताल में ही अपनी पहली बैठक बुलाई. बैठक के लिए बेड के पीछे भारतीय जनता पार्टी की होर्डिंग भी लगाया गया.

इस बैठक में भाजपा पदाधिकारी कुर्सी की बजाए पेशेंट बेड पर बैठे रहे. इसी पर बैठे हुए उन्होंने बैठक पूरी की. करीब आधे घंटे तक बैठक चली. महिला पदाधिकारियों को तीमारदारों की बेंच पर बैठाया गया.

ये बोले भाजपा जिलाध्यक्ष

बैठक के बाद कानपुर उत्तर भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने बताया, मेरा ऑपरेशन हो गया है. डॉक्टर ने कहा है कि 2 दिन बाद अस्पताल से छुट्टी कर देंगे. एक महीने में फिर से अपने पैरों पर चलने में सक्षम हो जाएंगे.