विनीत मिनोचा हत्याकांड का असली कातिल निकला बेटा सुब्रत! 21 दिन बाद जेल से आई शालू ने ससुर को लेकर क्या बता दिया

यूपी तक

• 11:42 AM • 29 Sep 2026

कानपुर के विनीत मिनोचा हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है. बहू शालू 21 दिन जेल में रहने के बाद रिहा हुईं. यूपी Tak से बातचीत में उन्होंने परिवार के मतभेद, पति सुब्रत के सीक्रेटिव व्यवहार और बेटे से मिलने की इच्छा बताई.

Kanpur Case

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कानपुर के चर्चित विनीत मिनोचा हत्याकांड में एक बड़ा मोड़ आया है. पुलिस ने पहले जिस बहू शालू को इस हत्या का मास्टरमाइंड माना था वह जांच में पूरी तरह निर्दोष साबित हुई है. इस हत्याकांड का जुर्म विनीत मिनोचा के बेटे सुब्रत ने कबूल कर लिया है. कोर्ट के आदेश के बाद आखिरकार शालू 21 दिनों तक जेल की सलाखों के पीछे रहने के बाद बाहर आ चुकी हैं. जेल से बाहर आते ही शालू ने यूपी Tak से खास बातचीत में कई बड़े खुलासे किए हैं.

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दोनों के बीच मतभेद थे लेकिन बात इतनी बिगड़ जाएगी नहीं सोचा था

63 साल के करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की कल्याणपुर स्थित अपार्टमेंट में 26 बार चाकू घोंपकर निर्मम हत्या कर दी गई थी. शुरुआती जांच में साजिशकर्ता मानी गईं शालू जब 21 दिन बाद सलाखों से बाहर आईं तो उन्होंने परिवार के अंदरूनी हालातों से पर्दा उठाया. ससुर के बारे में बात करते हुए शालू ने कहा 'डिफरेंसेज जरूर थे दोनों के बीच में लेकिन कभी मैंने ये नहीं सोचा था कि इतनी हद तक चीजें बेकार हो जाएंगी, इतने हद तक चीजें खराब हो जाएंगी.' शालू के मुताबिक, घर में पिता-पुत्र के बीच खिंचाव जरूर रहता था. लेकिन वह हमेशा एक बहू के रूप में परिवार में संतुलन बनाए रखने की कोशिश करती थीं.

दुकान और बिजनेस से नहीं था कोई लेन-देन

करोड़पति ससुर के बिजनेस और दुकान से जुड़ी गतिविधियों पर शालू ने साफ किया कि दुकान में क्या होता था या वहां किस तरह का काम-काज चलता था, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं रहती थी. उन्होंने बताया कि दुकान से उनका किसी तरह का वित्तीय या व्यावसायिक लेन-देन नहीं था. इसके अलावा, महिलाओं से जुड़े किसी विवाद की बात भी कभी उनके सामने नहीं आई थी.

सीक्रेटिव स्वभाव के थे पति सुब्रत

ससुर के साथ मतभेदों के बीच पति सुब्रत का रवैया कैसा था? इस पर शालू ने बताया कि सुब्रत काफी सीक्रेटिव (बातें छिपाने वाले) स्वभाव के थे. वह दिल या दिमाग में चल रही बातें किसी से आसानी से शेयर नहीं करते थे. हत्या वाले दिन भी दोनों एक पार्टी में साथ थे और काफी खुश थे. लेकिन सुब्रत के मन में पिता को लेकर कोई खौफनाक योजना चल रही है, इसकी भनक शालू को बिल्कुल नहीं लग पाई.

बिना कुछ किए भुगती सजा अब सिर्फ बच्चे से मिलना है-शालू

जेल में बिताए 21 दिनों को याद करते हुए शालू काफी भावुक हो गईं. उन्होंने कहा कि बिना कुछ किए ही उन्हें इतनी बड़ी सजा और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी.

जेल से बाहर आने के बाद शालू की सबसे पहली इच्छा अपने 4 साल के मासूम बेटे से मिलने की है, जो फिलहाल अपनी नानी और मौसी के पास है. शालू ने कहा कि बच्चे को इस पूरी घटना की जानकारी नहीं है और न ही वह कभी उसे यह बताना चाहेंगी. पति सुब्रत से आगे रिश्ता रखने के सवाल पर शालू ने कहा कि वह फिलहाल मानसिक रूप से इस स्थिति में नहीं हैं कि किसी रिश्ते के भविष्य के बारे में सोच सकें.

क्या है पूरा मामला

कानपुर के कल्याणपुर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में बीते 5 सितंबर की रात 63 साल के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जिसमें उन पर चाकू से करीब 26 वार किए गए. शुरू में पुलिस ने उनके पूर्व नौकर विशाल गौतम और उसके साथी राज किशोर को गिरफ्तार किया जिन्होंने दावा किया कि बहू शालू ने 6 लाख रुपये में सुपारी दी थी.लेकिन बाद की जांच में बेटा सुब्रत मास्टरमाइंड निकला.

सुब्रत अपने कर्ज, पिता के सख्त नियंत्रण और संपत्ति के डर से नाराज था. उसने हत्यारों को घर की चाबी दी और पकड़े जाने पर बहू का नाम लेने का निर्देश दिया. पुलिस ने सुब्रत को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि शालू की भूमिका अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है.
 

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