ससुर की हत्या से पहले शालू और नौकर के बीच कितनी बार हुई थी बातचीत? कानपुर की करोड़पति बहू की कहानी में आया नया मोड़!

सिमर चावला

• 11:42 AM • 09 Sep 2026

Kanpur Vineet Minocha Murder: लखनऊ के कपूरथला स्थित गैलेक्सी क्लासेज पर 500 से ज्यादा छात्रों से फीस लेने के बाद कोचिंग बंद कर फरार होने का आरोप है. छात्रों के मुताबिक उनसे करीब 15 हजार रुपये सालाना फीस ली गई थी. कोचिंग बंद मिलने पर छात्रों ने प्रदर्शन किया और कार्रवाई की मांग की.

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कानपुर के करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच आगे बढ़ने के साथ कहानी में नए राज सामने आ रहे हैं. ससुर की मौत के बाद फूट-फूटकर रोती दिखाई दीं बहू शालू अब पुलिस की जांच के केंद्र में हैं. पुलिस के मुताबिक, शालू और विनीत के पूर्व कर्मचारी तथा कथित सुपारी किलर विशाल गौतम के बीच लगातार संपर्क था. जांच में 1 मई से हत्या वाले दिन तक दोनों के बीच करीब 309 संपर्क सामने आए हैं. इनमें सामान्य फोन कॉल के साथ WhatsApp कॉल भी शामिल बताई जा रही हैं. खास बात यह है कि पुलिस को दोनों की बातचीत के 49 डिलीट मैसेज भी मिले हैं. अब तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से इन संदेशों को रिकवर कराने की कोशिश की जा रही है. पुलिस को आशंका है कि अगर ये चैट वापस मिलती हैं तो हत्या की कथित साजिश से जुड़ी अहम कड़ियां सामने आ सकती हैं.

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मोबाइल की डिजिटल जांच में 49 हटाए गए संदेशों का पता चलने के बाद पुलिस के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं. फिलहाल यह साफ नहीं है कि इन मैसेज में क्या लिखा था और उन्हें किस वजह से डिलीट किया गया. पुलिस अब यह जानना चाहती है कि शालू और विशाल के बीच बातचीत किस तरह की थी और क्या वारदात से पहले उनके संपर्क में कोई बदलाव आया था. जांच टीम खास तौर पर हत्या से कुछ दिन और कुछ घंटे पहले हुए संपर्कों को खंगाल रही है. सवाल यह भी है कि दोनों के बीच हत्या की बात पहली बार कब हुई, क्या विशाल को कोई निर्देश दिए गए और क्या वारदात के बाद दोनों के बीच बातचीत हुई थी. हालांकि केवल संपर्कों की संख्या किसी अपराध को साबित नहीं करती. पुलिस को डिजिटल डेटा के जरिए बातचीत का समय, अवधि और पैटर्न समझना है. 49 डिलीट मैसेज की वास्तविक सामग्री सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि उनका इस मामले से क्या संबंध है.
 

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विनीत मिनोचा की हत्या के बाद पुलिस ने सबसे पहले यह पता लगाने की कोशिश की कि फ्लैट में कौन आया और वारदात के बाद कौन बाहर निकला. अपार्टमेंट के CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने पर कारोबारी का पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम और उसका साथी राजकिशोर फ्लैट में आते-जाते दिखाई दिए. विशाल पहले विनीत के यहां काम कर चुका था, इसलिए पुलिस ने उसके पुराने संबंधों और परिवार से संपर्क की जानकारी जुटानी शुरू की. गार्ड से पूछताछ के साथ उसके मोबाइल और संपर्क रिकॉर्ड की जांच की गई. इसी दौरान शालू और विशाल के बीच लगातार बातचीत की कड़ी सामने आई. पुलिस अब दोनों के संपर्क रिकॉर्ड को CCTV और दूसरे साक्ष्यों से मिलाकर देख रही है. जांच का अहम सवाल यही है कि विशाल का शालू से संपर्क सामान्य था या इसका संबंध विनीत की हत्या की कथित साजिश से था.

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विनीत की हत्या के बाद सामने आए वीडियो में शालू अपने ससुर की मौत पर बुरी तरह रोती हुई दिखाई दी थीं. उस समय घर में मातम का माहौल था और शुरुआती तौर पर मामला घर में घुसकर किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा हत्या का लग रहा था. लेकिन पुलिस ने CCTV, मोबाइल डेटा, गार्ड से मिली जानकारी और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ाई. इसी दौरान परिवार से जुड़े संपर्कों पर भी पुलिस की नजर गई. पुलिस के मुताबिक, विशाल और राजकिशोर को गिरफ्तार करने के बाद पूछताछ में दोनों ने हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार करने और शालू के कहने पर वारदात करने की बात बताई. दोनों को रविवार देर रात पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था और पुलिस के मुताबिक उनके पैरों में गोली लगी. हालांकि आरोपियों के कथित बयानों को अदालत में स्वतंत्र रूप से साबित किया जाना अभी बाकी है. अब पुलिस उन बयानों को डिजिटल और दूसरे भौतिक साक्ष्यों से मिलाकर जांच रही है.

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पूरा मामला कानपुर के कल्याणपुर क्षेत्र के इंदिरानगर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट का है. यहां पहली मंजिल के फ्लैट नंबर C-104 में 63 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत मिनोचा रहते थे. शनिवार देर रात उनकी चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई. पुलिस के मुताबिक, हत्यारों ने उन पर 26 से ज्यादा वार किए थे. रविवार सुबह करीब 4 बजे उनका बेटा और बहू पार्टी से घर लौटे तो अंदर विनीत का शव पड़ा मिला. सूचना के बाद पुलिस कमिश्नर फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की. विनीत को कानपुर के पांच बड़े दवा कारोबारियों में गिना जाता था. करीब 45 साल से दवा कारोबार से जुड़े होने के कारण शहर के कारोबारी जगत में उनकी पहचान थी. हत्या के बाद पुलिस ने पहले लूट समेत कई संभावित पहलुओं को देखा, लेकिन CCTV में पूर्व कर्मचारी और उसके साथी की मौजूदगी सामने आने के बाद जांच का रुख बदल गया.

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अब पुलिस शालू और विशाल के बीच हुए करीब 309 संपर्कों की पूरी टाइमलाइन तैयार कर रही है. जांच टीम यह देख रही है कि किस तारीख को कितनी बार फोन या WhatsApp कॉल हुई और बातचीत का पैटर्न कैसा रहा. खास तौर पर वारदात से पहले के दिनों में संपर्क बढ़ा था या नहीं, इस पर नजर है. साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या के बाद दोनों के बीच कोई बातचीत हुई थी या नहीं. इन संपर्कों को 49 डिलीट मैसेज के साथ जोड़कर देखा जा रहा है. अगर तकनीकी जांच में हटाए गए संदेशों की सामग्री वापस मिलती है और उसमें हत्या की योजना, निर्देश या किसी अन्य अहम बातचीत के संकेत मिलते हैं, तो यह जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है. हालांकि अभी उन मैसेज की सामग्री सामने नहीं आई है, इसलिए उसमें क्या था, इसे लेकर कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता.

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विनीत मिनोचा हत्याकांड में अब पुलिस की जांच CCTV और आरोपियों की पूछताछ के साथ डिजिटल सबूतों पर भी टिक गई है. 49 डिलीट मैसेज और 309 संपर्क फिलहाल जांच के सबसे अहम डिजिटल सुरागों में शामिल हैं. पुलिस यह जानना चाहती है कि शालू और विशाल की बातचीत का हत्या से पहले और बाद के घटनाक्रम से कोई सीधा संबंध था या नहीं. इसके लिए कॉल रिकॉर्ड, WhatsApp संपर्क, CCTV फुटेज और आरोपियों से मिली जानकारी को एक साथ जोड़ा जा रहा है. पुलिस के मुताबिक, हत्या में शालू की कथित भूमिका सामने आने के बाद डिजिटल डेटा की अहमियत और बढ़ गई है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि डिलीट किए गए 49 मैसेज में आखिर क्या था. अगर ये संदेश रिकवर हो जाते हैं और उनमें कोई ठोस जानकारी मिलती है, तो कानपुर के इस हाईप्रोफाइल हत्याकांड की कथित साजिश की कई अनसुलझी कड़ियां सामने आ सकती हैं. फिलहाल पुलिस की डिजिटल फॉरेंसिक जांच जारी है और मामले की अंतिम सच्चाई अदालत में तय होगी.

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