Jhansi Crime News: उत्तर प्रदेश के झांसी में सीपरी थाना क्षेत्र स्थित मसीहागंज मोहल्ले में 38 साल की मंजू अहिरवार की संदिग्थ मौत से परिजनों में हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक मंजू की मौत से ठीक एक दिन पहले 6 अक्टूबर को ससुराल वालों ने उसका जन्मदिन मनाया था. इसके अगले दिन 7 अक्टूबर को वह घर में फांसी के फंदे पर लटकी मिली. आनन-फानन में ससुराल वाले मंजू को अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
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इसके बाद ससुराल पक्ष ने पुलिस और मायके वालों को सूचना दिए बिना ही शव को अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम ले गए. इसी बीच मंजू के मायके वालों की इसकी जानकारी मिली तो भाई मनोज कुमार तुरंत झांसी पहुंचा, जहां ससुराल पक्ष के साथ उसकी हाथापाई हुई. इसके साथ ही मायके वालों ने इस पूरे घटना की शिकायत थाने में दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में भिजवा दिया. हालांकि, इस पूरी घटना को लेकर मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया है, जबकि मंजू के पति ने इसे आत्महत्या बताया है.
मंजू ने की थी दूसरी शादी
मृतका की पहचान 36 वर्षीय मंजू अहिरवार के रूप में हुई है, जिसका मायका ललितपुर में है. उसकी पहली शादी साल 2006 में ज्योरौन गांव के पप्पू से हुई थी, जिससे उसका एक 18 साल का बेटा ऋषभ है.
पहले पति से अनबन के बाद मंजू मायके आ गई थी. इसके बाद 11 साल पहले उसने अपनी ममेरी बहन के देवर अजय प्रताप से दूसरी शादी की थी. अजय से उसके दो बच्चे हैं. एक 8 साल की बेटी गुनगुन और दूसरा 6 साल का बेटा अधिराज. मंजू अपने तीनों बच्चों और पति के साथ झांसी में ही रह रही थी.
मायके की संपत्ति का था विवाद
मंजू के पिता का साल 2022 में निधन हो गया था. इसके बाद से मायके की संपत्ति में हिस्से को लेकर उसका अपने परिवार से विवाद चल रहा था. मंजू की भाभी गीता ने बताया, पिछले करीब दो साल से मायके वालों की मंजू से कोई बातचीत नहीं थी. मायके वालों का आरोप है कि मंजू का पति अजय उस पर संपत्ति में हिस्सा मांगने का दबाव बना रहा था, जबकि मंजू हिस्सा नहीं लेना चाहती थी.
भाई ने जताई हत्या की आशंका
मृतका के भाई मनोज कुमार ने बताया कि 6 अक्टूबर को मंजू का जन्मदिन था और 7 अक्टूबर को उसकी मौत की खबर आ गई. सूचना मिलने पर वह अपनी पत्नी गीता के साथ ललितपुर से झांसी पहुंचा था. मनोज का आरोप है कि वहां ससुराल वालों ने उनके साथ मारपीट की है. भाई का कहना है कि उसकी बहन की हत्या करके शव को फंदे पर लटकाया गया है. उसने यह भी बताया कि शराब को लेकर पति-पत्नी के बीच भी अक्सर विवाद होता रहता था.
पति बोला- पत्नी ने लगाई फांसी
मंजू के पति अजय प्रताप ने हत्या के सभी आरोपों को गलत बताया है. अजय का कहना है कि वह पेट्रोल पंप पर काम करता है और घटना के वक्त वह काम पर गया हुआ था. बता दें अजय के मुताबिक, एक दिन पहले ही परिवार ने खुशी-खुशी मंजू का जन्मदिन मनाया था. उसका दावा है कि मंजू अपने भाई और भाभी के साथ चल रहे विवाद के कारण अक्सर परेशान रहती थी.
पुलिस ने रुकवा दिया अंतिम संस्कार
ससुराल वाले बिना पुलिस को बताए शव का अंतिम संस्कार करने के लिए उसे मुक्तिधाम ले गए थे. जब भाई मनोज ने पुलिस से शिकायत की, तो सीपरी बाजार थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने मंजू के अंतिम संस्कार से पहले उसके शव को अपने कब्जे में ले लिया. थाना प्रभारी जयप्रकाश चौबे ने बताया कि गुरुवार को पंचनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम कराया गया है. अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो भी जानकारी सामने आएगी, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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