Gorakhpur International Cricket Stadium: उत्तर प्रदेश के खेल प्रेमियों, विशेषकर पूर्वांचल के युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण का रास्ता अब और साफ हो गया है. इस भव्य प्रोजेक्ट में देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने भी अपना खजाना खोल दिया है. गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में उत्तर प्रदेश सरकार और इंडियन ऑयल के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए.
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इंडियन ऑयल का 60 करोड़ का सहयोग
गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की कुल लागत लगभग ₹392.94 करोड़ है. इसमें से इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के माध्यम से ₹60 करोड़ का आर्थिक सहयोग प्रदान करेगा. एमओयू के मौके पर सीएम योगी ने कहा, 'यह स्टेडियम केवल एक खेल संरचना नहीं है, बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रतिभाओं को वैश्विक स्तर पर चमकाने का एक माध्यम बनेगा. इससे क्षेत्र में खेल पर्यटन, निवेश और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी.' उन्होंने सार्वजनिक-निजी सहभागिता (PPP) के इस मॉडल की सराहना भी की.
स्टेडियम की प्रमुख विशेषताएं
दर्शक क्षमता: स्टेडियम में एक साथ 30,000 लोग बैठकर मैच देख सकेंगे.
डेडलाइन: इस परियोजना को दिसंबर 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है.
सुविधाएं: अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अत्याधुनिक पिच, प्रैक्टिस एरिया, फ्लडलाइट्स, मॉडर्न ड्रेसिंग रूम और हाई-टेक मीडिया सेंटर.
मैच: यह स्टेडियम बड़े अंतरराष्ट्रीय मैचों और आईपीएल (IPL) जैसे आयोजनों की मेजबानी के लिए पूरी तरह सक्षम होगा.
यूपी बनेगा 'स्पोर्ट्स पावर'
मुख्यमंत्री ने खेल के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स का भी जिक्र किया. काशी में भी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम बन रहा है, जिसे जून 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा. इस वर्ष के बजट में प्रदेश के हर मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने का प्रावधान किया गया है. मेरठ में बन रही मेजर ध्यानचंद यूनिवर्सिटी भी जल्द तैयार होगी.
इस कार्यक्रम में इंडियन ऑयल के चेयरमैन अरविंदर साहनी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास में सहयोग करना उनके समूह के लिए गर्व की बात है. खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चन्द्र यादव ने भी स्टेडियम को प्रदेश की एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया. गोरखपुर में इस अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के बनने से न केवल स्थानीय खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, बल्कि यह पूर्वांचल में खेल इकोनॉमी को भी एक नया आयाम देगा.
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