इंजीनियर युवराज की दर्दनाक मौत के बाद DM मेधा रूपम की फैमिली सागा की जबर्दस्त चर्चा, आप भी जानिए

Medha Roopam Family Background: मेधा रूपम गौतम बुद्ध नगर की पहली महिला जिलाधिकारी हैं. मेधा 2014 बैच की आईएएस अधिकारी हैं. उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में पूरे देश में 10वां स्थान हासिल किया था. उनके पिता ज्ञानेश कुमार रिटायर्ड IAS और वर्तमान में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं.

Medha Roopam

गौरव कुमार पांडेय

21 Jan 2026 (अपडेटेड: 21 Jan 2026, 04:51 PM)

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Medha Roopam Family Background:  नोएडा के सेक्टर 150 में निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में डूबी कार के अंदर 27 साल के इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस घटना के बाद योगी सरकार ने नोएडा अथॉरिटी के सीईओ एम.लोकेश को तो हटा दिया. लेकिन अब उंगलियां जिले के डिजास्टर मैनेजमेंट की कमान संभालने वाली डीएम मेधा रूपम पर उठ रही हैं. ऐसे में जब पत्रकारों ने नोएडा जिलाधारी मेधा रूपम से सवाल किया तो वह कैमरे से बचते नजर आईं. उन्होंने माइक देखते ही गाड़ी का शीशा चढ़ा लिया. ऐसे में आइए जानते हैं कि मेधा रूपम कौन हैं और उनकी इतनी चर्चा क्यों चल रही है.

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कौन हैं IAS मेधा रूपम?

मेधा रूपम गौतम बुद्ध नगर की पहली महिला जिलाधिकारी हैं. मेधा 2014 बैच की आईएएस अधिकारी हैं. उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में पूरे देश में 10वां स्थान हासिल किया था. उनके पिता ज्ञानेश कुमार रिटायर्ड IAS और वर्तमान में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं. दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इकोनॉमिक्स में डिग्री लेने वाली मेधा ने यूपी के बरेली, मेरठ, हापुड़ और कासगंज जैसे जिलों में अपनी सेवाएं दी हैं.वह नेशनल लेवल की राइफल शूटर हैं और केरल स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में तीन बार गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं. मेधा के पति मनीष बंसल भी 2014 बैच के अधिकारी हैं और फिलहाल सहारनपुर के डीएम हैं.

क्यों उठ रहे हैं सवाल? 

गौतम बुद्ध नगर की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी सीधे जिला कलेक्टर के अधीन आती है. आपदा प्रबंधन प्लान के पेज नंबर 8 पर स्पष्ट लिखा है कि डीएम ही रिस्पॉन्स ऑफिसर के रूप में काम करते हैं.हादसे की रात 2 घंटे तक युवराज मेहता मदद के लिए चिल्लाता रहा. रेस्क्यू टीम समय पर क्यों नहीं पहुंची? विजिबिलिटी का हवाला देकर टीम पीछे क्यों हटी? इन सभी का जवाबदेही डीएम की बनती है.

ट्रैक्टर वाली लेडी सिंघम अब सवालों से क्यों भाग रहीं?

सितंबर 2024 में मेधा रूपम का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वह ट्रैक्टर पर बैठकर जलभराव का निरीक्षण कर रही थीं. तब लोगों ने उन्हें एक्शन वाली डीएम बताया था. लेकिन युवराज मेहता के मामले में जब SIT की टीम मंगलवार को घटनास्थल पर पहुंची तब भी डीएम पत्रकारों के सवालों से बचती दिखीं.उन्होंने माइक देखते ही गाड़ी का शीशा चढ़ा लिया. सोसाइटी के लोगों का कहना है कि आपदा प्रबंधन का पूरा तंत्र फेल रहा और 90 घंटे बाद कार का मिलना प्रशासन की सुस्ती का नतीजा है.

SIT की जांच शुरू

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बनी तीन सदस्यीय एसआईटी अब इस मामले की जांच कर रही है. मंगलवार सुबह टीम ने पहले नोएडा अथॉरिटी में बैठक की और फिर घटनास्थल का मुआयना किया. अब देखना यह है कि क्या यह जांच केवल अधिकारियों के ट्रांसफर तक सीमित रहेगी या सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी.

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