नोएडा एयरपोर्ट को फरीदाबाद, पलवल और गुरुग्राम से जोड़ने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को लेकर मिला बड़ा अपडेट, जानें इसकी सभी खासियत

यूपी तक

16 Oct 2025 (अपडेटेड: 16 Oct 2025, 01:09 PM)

Greenfield Expressway Update: नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (जेवर एयरपोर्ट) की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने वाला 6-लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे तेजी से बन रहा है. यह एक्सप्रेसवे एयरपोर्ट को फरीदाबाद, पलवल और गुरुग्राम जैसे हरियाणा के शहरों से सीधे जोड़ेगा.

Greenfield Expressway

Greenfield Expressway Update

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Greenfield Expressway Update: उत्तर प्रदेश का प्रतिष्ठित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (जेवर एयरपोर्ट) जल्द ही बनकर तैयार होने वाला है. ऐसा कहा जा रहा है कि 30 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस एयरपोर्ट का उदघाटन कर सकते हैं. इस मेगा प्रोजेक्ट के साथ-साथ एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को सुगम बनाने के लिए एक बड़ा इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट छह लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का काम भी युद्धस्तर पर आगे बढ़ रहा है. यह एक्सप्रेसवे एयरपोर्ट को सीधे हरियाणा के फरीदाबाद, पलवल और गुरुग्राम जैसे महत्वपूर्ण शहरों से जोड़ेगा.

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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने घोषणा की है कि इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य ने तेजी पकड़ ली है. मालूम हो कि मॉनसून और यमुना नदी में आई बाढ़ के कारण निर्माण कार्य धीमा हो गया था.

ये हैं एक्सप्रेसवे की मुख्य बातें:

  • यह एक्सप्रेसवे फरीदाबाद के सेक्टर-65 स्थित केएमपी एक्सप्रेस-वे इंटरचेंज से नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक 31.4 किलोमीटर लंबा होगा.
  • इस मार्ग का लगभग 24.1 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा के पलवल और फरीदाबाद में, जबकि 7.3 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में बनाया जा रहा है.
  • NHAI के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट का 52 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है. हरियाणा क्षेत्र में यमुना नदी पर पुल के पिलर्स और गर्डर रखने का काम भी तेजी से जारी है. 

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का एक शुरुआती 1.8 किलोमीटर का हिस्सा पहले ही यमुना एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जा चुका है. यह दिल्ली, नोएडा और आगरा की ओर से आने वाले वाहनों को एयरपोर्ट तक सीधे पहुंच प्रदान करेगा. NHAI का दावा है कि दिसंबर 2025 तक नोएडा एयरपोर्ट से हरियाणा की सीमा के आगे तक का कुल 10 किलोमीटर का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा, जिसमें यमुना नदी पर बनने वाला पुल भी शामिल है. इस पूरे एक्सप्रेसवे को साल 2026 के अंत तक पूरा करने का अंतिम लक्ष्य निर्धारित किया गया है.