Chandauli News: राजभवन घेराव से पहले कांग्रेस के तीन नेता हाउस अरेस्ट, सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप

Newzo

• 01:30 PM • 22 Jul 2026

Chandauli Congress House Arrest: राजभवन घेराव कार्यक्रम से पहले कांग्रेस के तीन नेताओं को कथित तौर पर हाउस अरेस्ट किए जाने का दावा किया गया है. कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया. प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया.

राजभवन घेराव से पहले कांग्रेस के तीन नेता हाउस अरेस्ट, सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप

राजभवन घेराव से पहले कांग्रेस के तीन नेता हाउस अरेस्ट, सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप

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Chandauli News: राजभवन घेराव कार्यक्रम से पहले कांग्रेस के शहर अध्यक्ष बृजेश गुप्ता, महासचिव रमेश पांडेय और कांग्रेस नेता गुलाब गुप्ता को पुलिस द्वारा उनके आवास पर नजरबंद (हाउस अरेस्ट) किए जाने का दावा किया गया है. कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए भाजपा सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया है.

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हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद कांग्रेस शहर अध्यक्ष बृजेश गुप्ता ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें मंगलवार रात से ही घर में नजरबंद कर दिया गया. उनका आरोप है कि छात्रों के साथ हुए कथित अन्याय तथा कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की गिरफ्तारी के विरोध में पार्टी ने राजभवन घेराव सहित विभिन्न कार्यक्रम तय किए थे. इन्हें रोकने के उद्देश्य से प्रशासन ने पहले ही कांग्रेस नेताओं को घरों में नजरबंद कर दिया.

बृजेश गुप्ता ने कहा कि सरकार विपक्ष और कांग्रेस के छोटे-छोटे कार्यकर्ताओं से भी डर गई है.  उनका कहना था कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने के अधिकार को भी छीना जा रहा है, जो लोकतंत्र की भावना के विपरीत है.
उन्होंने पार्टी की मांग दोहराते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए. साथ ही पूरे मामले पर संसद में चर्चा कराई जाए और प्रधानमंत्री देश की जनता एवं छात्रों से माफी मांगें. उनका आरोप है कि छात्रों और कांग्रेस नेताओं के साथ किया गया व्यवहार अन्यायपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है.

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी छात्रों के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपना आंदोलन जारी रखेगी. वहीं, इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.