Gram Van Yojana Amethi: अमेठी में वीबीजी रामजी योजना' की शुरुवात के साथ ही गांवो को हरा भरा बनाने की भी कवायद शुरू हो गई है. जिले के 13 ब्लॉकों की 65 ग्राम पंचायतों में ग्राम वन की स्थापना की जाएगी जिसमें सहजन-आंवला-बेर के पौधे लगाए जाएंगे. इसके साथ ही ग्रामीणों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए 26 जन सम्मेलनों का भी आयोजन किया जाएगा।प्रसाशन के इस पहल से ग्रामीणों को रोजगार के साथ और पोषण भी मिलेगा.
ADVERTISEMENT
अमेठी जिले में मनरेगा के नए स्वरूप वीबीजी रामजी योजना का शुभारंभ शुक्रवार से हो रहा है. डीएम और सीडीओ की पहल पर शुरू हो रही इस योजना के पहले चरण में जिले के सभी 13 विकास खंडों की पांच-पांच ग्राम पंचायतों यानी कुल 65 ग्राम पंचायतों में ग्राम वन स्थापित किए जाएंगे.
योजना के तहत प्रत्येक चयनित ग्राम पंचायत में चिन्हित भूखंड पर सहजन, आंवला और बेर के 250-250 पौधे लगाए जाएंगे. इस तरह पहले दिन कुल 16,250 पौधों का रोपण होगा. सहजन को विशेष लाभकारी माना गया है, वहीं आंवला और बेर आम के पौधे बड़े होने पर फल देंगे, जिससे किसानों को आर्थिक लाभ भी मिलेगा. पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और देखरेख की भी पूरी व्यवस्था की जाएगी ताकि ग्राम वन स्थायी रूप से विकसित हो सकें.
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य गांवों में हरित क्षेत्र बढ़ाना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और ग्रामीणों को पोषण एवं आय के अतिरिक्त साधन उपलब्ध कराना है.
योजना की शुरुआत जनभागीदारी से होगी. इसके लिए 13 विकास खंडों की दो-दो ग्राम पंचायतों में कुल 26 जन सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे. इनमें जनप्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, मनरेगा श्रमिकों, ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों को वीबीजी रामजी योजना के उद्देश्य, स्वरूप और लाभों की जानकारी दी जाएगी. सम्मेलन के तुरंत बाद संबंधित ग्राम पंचायतों में ग्राम वन की स्थापना का कार्य शुरू कर दिया जाएगा.
सीडीओ पूजा साहू ने बताया कि जिले के ग्राम वन की स्थापना की जाएगी. हर विकासखंड में 5 गांव लिए गए है, यहां पर 250 फलदार पेड़ लगाए जाएंगे. ज्यादा से ज्यादा सहजन का पौधा लगाया जायेगाय जो काफी न्यूट्रिशन से भरा होता है इसे मिड डे मील में भी शामिल किया जाएगा.
ADVERTISEMENT











