भोजपुरी सिनेमा के 'पावरस्टार' पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद अब किसी से छुपा नहीं है. दोनों अक्सर ही एक दूसरे पर आरोप लगाते नजर आते हैं. फिलहाल दोनों के बीच तलाक का मामला कोर्ट में है. इस बीच बलिया की फैमिली कोर्ट ने भरण-पोषण से जुड़े मामले में दोनों को फटकार लगाई है.
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इस हाई-प्रोफाइल केस में कोर्ट ने साफ कर दिया है कि कानून के सामने न कोई स्टार है और न ही कोई खास. पहले गैर-हाजिरी पर पवन सिंह पर 1000 रुपये का जुर्माना लगा था. वहीं इस बार सबूत जमा न करने पर पत्नी ज्योति सिंह पर भी ₹500 का जुर्माना लगा है. अब इस चर्चित केस में अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को होगी.
कोर्ट में पहुंचीं ज्योति सिंह, पवन सिंह ने दिया मां की बीमारी का हवाला
बलिया फैमिली कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान जहां ज्योति सिंह खुद अदालत के कटघरे में मौजूद रहीं. वहीं पवन सिंह की ओर से उनके अधिवक्ता पेश हुए. सुनवाई के दौरान पवन सिंह के वकील ने जज के सामने दलील दी कि सुपरस्टार की माता जी की तबीयत खराब है जिस वजह से वे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके. इसके साथ ही पवन सिंह के पक्ष से अदालत से अगली तारीख देने का अनुरोध किया गया जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया.
दोनों पक्षों पर लगा जुर्माना
इस मामले में परिवार न्यायालय का रुख काफी कड़ा नजर आ रहा है. पिछली सुनवाई में अदालत में उपस्थित न होने के कारण पवन सिंह पर ₹1,000 का जुर्माना लगाया गया था. इस बार सुनवाई में ज्योति सिंह की ओर से मामले से जुड़े आवश्यक सबूत कोर्ट के समक्ष पेश नहीं किए गए जिसके चलते उन पर ₹500 का जुर्माना लगाया गया.
17 अक्टूबर की तारीख पर टिकीं नजरें
ज्योति सिंह के अधिवक्ता अखिलेश सिंह ने बताया कि भरण-पोषण से जुड़े इस लंबे मुकदमे में दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें और दस्तावेज अदालत के सामने रख रहे हैं.
अदालत ने अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 अक्टूबर की तारीख मुकर्रर की है. कानूनी जानकारों का मानना है कि अगली तारीख पर दोनों पक्षों की मौजूदगी और जमा किए जाने वाले साक्ष्य इस केस की आगे की दिशा तय करेंगे.
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