मेरठ के एक कथित 'लव जिहाद' (Love Jihad) मामले में एक दलित युवती, आकांक्षा ने हिंदूवादी संगठनों को कड़ा जवाब देते हुए अपने मुस्लिम प्रेमी से शादी करने का फैसला किया है. इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब शादी का कार्ड सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. मेरठ के गंगानगर निवासी आकांक्षा और साहिल (असली नाम शाहवेज) की शादी का कार्ड वायरल हुआ, जिसमें शादी की तारीख 13 फरवरी तय थी. अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन जैसे संगठनों ने इसे 'लव जिहाद' बताते हुए शादी रुकवाने की कोशिश की. उन्होंने उस रिसॉर्ट के मालिक पर भी दबाव बनाया जहाँ शादी होनी थी.
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आकांक्षा के चाचा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि लड़की को बहला-फुसलाकर धर्मांतरण कराया जा रहा है. हालांकि, आकांक्षा ने दावा किया कि चाचा से उनका जमीन-जायदाद को लेकर विवाद है. आकांक्षा ने मीडिया के सामने आकर साफ कहा कि वह हिंदू या सनातनी नहीं है, बल्कि वह अंबेडकरवादी और बौद्ध धर्म को मानने वाली है. उसकी शादी बौद्ध रीति-रिवाजों से होने वाली थी. उसने बताया कि वह साहिल (शाहवेज) को पिछले 6 साल से जानती है और उसके परिवार को भी पता है कि वह मुस्लिम है. 'साहिल' नाम उसकी मां ने उसे प्यार से दिया था, इसलिए कार्ड पर वही छपवाया गया. आकांक्षा ने स्पष्ट किया कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से शादी कर रही है. उसने सवाल उठाया कि हिंदूवादी संगठन कौन होते हैं मेरी शादी रोकने वाले?
पुलिस ने कानून-व्यवस्था और स्पेशल मैरिज एक्ट (Special Marriage Act) के तहत फिलहाल शादी और रिसॉर्ट की बुकिंग को कैंसिल करा दिया है. चाचा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है और पुलिस मामले की सतर्कता से निगरानी कर रही है.
इसी वीडियो में देखिए बाबरी मस्जिद को लेकर सीएम योगी का अग्रेसिव बयान
यूपी की दूसरी बड़ी खबर बाराबंकी से है. यहां एक जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'कयामत', 'जन्नत' और 'जहन्नुम' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए विरोधियों को जवाब दिया. उन्होंने कहा कि कयामत के दिन तक भी कभी बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण नहीं होगा. यह बयान उन नेताओं (जैसे असदुद्दीन ओवैसी) के लिए था जो अक्सर कहते हैं कि वहां बाबरी मस्जिद थी और कयामत तक रहेगी. सीएम योगी ने साफ किया कि राम मंदिर तब तक रहेगा जब तक सनातन है.
ऊपर दी गई वीडियो रिपोर्ट में देखिए हमारा खास कार्यक्रम आज का यूपी.
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