2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा दांव, इमरान मसूद को बनाया यूपी का कार्यकारी अध्यक्ष

यूपी तक

• 03:55 PM • 03 Oct 2026

UP Congress: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी ने अपनी राजनीतिक रणनीति तेज कर दी है. कांग्रेस ने सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद को यूपी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर एक बड़ा दांव चला है.

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UP Congress: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी ने अपनी राजनीतिक रणनीति तेज कर दी है. कांग्रेस ने सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद को यूपी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर एक बड़ा दांव चला है. इस फैसले से जहां पश्चिमी यूपी में कांग्रेस की स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है, वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) के लिए एक नई चुनौती भी खड़ी हो गई है. बीजेपी ने कांग्रेस के इस कदम को मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति बताया है, जिसका इमरान मसूद ने करारा जवाब दिया है.

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गठबंधन की राजनीति में इमरान मसूद

इमरान मसूद पश्चिमी यूपी के एक बड़े मुस्लिम नेता माने जाते हैं. वह पहले समाजवादी पार्टी और बसपा में भी रह चुके हैं और अब कांग्रेस के साथ हैं. कार्यकारी अध्यक्ष बनने से पश्चिमी यूपी में उनका राजनीतिक प्रभाव और बढ़ेगा. हालांकि, इमरान मसूद के इस बढ़ते दखल से सपा और कांग्रेस के गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर खींचतान बढ़ सकती है. यह कांग्रेस की तरफ से गठबंधन में अपनी स्थिति मजबूत करने का एक बड़ा और अहम कदम माना जा रहा है.

तुष्टिकरण के आरोप पर इमरान बोले

इमरान मसूद को अहम जिम्मेदारी मिलने के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर करारा निशाना साधा है. बीजेपी ने इसे मुस्लिम वोट बैंक के लिए तुष्टिकरण की राजनीति बताया है. इन आरोपों का जवाब देते हुए इमरान मसूद ने साफ किया कि कांग्रेस किसी एक खास धर्म या जाति की पार्टी नहीं है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है. इमरान मसूद ने भरोसा दिलाया कि वह पार्टी की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए पूरी मेहनत करेंगे.

2027 चुनाव के लिए नई रणनीति

आगामी 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव और उपचुनाव से पहले कांग्रेस अपने संगठन में व्यापक बदलाव कर रही है. प्रदेश अध्यक्ष के रूप में आराधना मिश्रा की नियुक्ति और इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाना इसी रणनीति का बड़ा हिस्सा है. कांग्रेस का यह कदम पश्चिमी यूपी में मुस्लिम वोट बैंक पर अपना प्रभाव बढ़ाने का एक गंभीर प्रयास है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस नई रणनीति से आगामी चुनावों में कांग्रेस की राजनीतिक और चुनावी संभावनाएं काफी मजबूत होंगी.