अंबेडकर नगर के बसखारी बाजार स्थित 'नवजीवन हॉस्पिटल' का एक खौफनाक सच सामने आया है. आरोप है कि यहां बिना किसी डॉक्टरी डिग्री के फर्जी डॉक्टरों ने एक महिला का ऑपरेशन कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. अस्पताल का संचालक योगेश यादव (B.A. पास) और उसका सहायक शुभम विश्वकर्मा (इंटर पास) बिना किसी मेडिकल डिग्री के ऑपरेशन कर रहे थे. योगेश के पिता एक सरकारी अस्पताल में वार्ड बॉय थे. वह अपने पिता के साथ अस्पताल आता-जाता था और वहीं से उसने खुद को डॉक्टर समझकर अस्पताल खोल लिया.]
ADVERTISEMENT
5 फरवरी को एक गर्भवती महिला को प्रसव के लिए यहाँ भर्ती कराया गया था. योगेश और उसके सहायक ने महिला की सर्जरी (सिजेरियन) कर दी. ऑपरेशन के बाद महिला की हालत बिगड़ने पर उसे लखनऊ रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. जांच में पता चला कि अस्पताल का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं था और वहां प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर पूरी तरह फर्जी थे. जिला प्रशासन ने अस्पताल को सील कर दिया है. पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर योगेश यादव और शुभम विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
जिलाधिकारी (DM) अनुपम शुक्ला ने जनता से अपील की है कि वे झोलाछाप या फर्जी डॉक्टरों के बजाय केवल सरकारी या रजिस्टर्ड निजी अस्पतालों में ही इलाज कराएं. सवाल यह उठता है कि बसखारी बाजार जैसे व्यस्त इलाके में बिना रजिस्ट्रेशन के अस्पताल लंबे समय से कैसे चल रहा था और स्वास्थ्य विभाग ने पहले कार्रवाई क्यों नहीं की.
ADVERTISEMENT









