UP Rain Alert: उत्तर प्रदेश में कल यानि 31 अगस्त को मौसम का मिजाज बिगड़ा रह सकता है. मौसम विभाग के लखनऊ केंद्र के मुताबिक पश्चिमी और पूर्वी यूपी के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और बौछारें पड़ने की बहुत संभावना है. पूर्वी यूपी के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. मौसम विभाग ने 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 55 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है. ऐसे में बारिश के साथ वज्रपात को लेकर भी लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है. जानिए 31 अगस्त को प्रदेश में कहां कैसा मौसम रहने वाला है.
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पश्चिमी यूपी में बारिश के साथ वज्रपात का खतरा
मौसम विभाग के लखनऊ केंद्र के अनुसार 31 अगस्त को पश्चिमी यूपी के संभागों में कहीं-कहीं बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की बहुत संभावना है. कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है. इसके अलावा कई जगहों पर मेघगर्जन के साथ वज्रपात की संभावना जताई गई है. पश्चिमी यूपी के लोगों को विशेष रूप से खुले स्थानों पर रहने के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
इन 5 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी
पूर्वी यूपी में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है. यहां कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की बहुत संभावना है. मौसम विभाग ने कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. साथ ही कुछ इलाकों में मेघगर्जन के साथ वज्रपात भी हो सकता है. 31 अगस्त को चित्रकूट, प्रयागराज, मिर्जापुर, चंदौली और सोनभद्र में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
55 जिलों में येलो अलर्ट, देखें पूरी लिस्ट
येलो अलर्ट वाले 55 जिलों में सहारनपुर, शामली, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, संभल, बिजनौर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, गोंडा, बाराबंकी, सीतापुर, हरदोई, फर्रूखाबाद, कन्नौज, उन्नाव, लखनऊ, अयोध्या, अंबेडकर नगर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, संत रविदास नगर/भदोही, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अमेठी, रायबरेली, फतेहपुर, कौशांबी, कानपुर देहात, कानपुर नगर, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा, झांसी और ललितपुर शामिल हैं. आगरा में आंशिक पीला/हरा क्षेत्र और बांदा से सटे अन्य दक्षिणी-मध्य छोटे क्षेत्रों में भी अलर्ट की स्थिति बताई गई है.
किसानों और आम लोगों के लिए जरूरी सलाह
किसानों को भारी बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी का इंतजाम रखने और मौसम को देखते हुए जरूरी कृषि कार्य सावधानी से करने की सलाह दी जाती है. आम लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के पास जाने से बचना चाहिए. बारिश और वज्रपात के समय सुरक्षित स्थान पर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें. निचले इलाकों में रहने वाले लोग जलभराव की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहें.
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