UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में प्रस्तुत किए गए 'मानव-केंद्रित, जिम्मेदार और पारदर्शी एआई' विजन का पुरजोर स्वागत किया है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री के 'M.A.N.A.V.' विजन से प्रेरणा लेकर उत्तर प्रदेश तकनीक के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से उत्तर प्रदेश में एआई को लेकर किए जा रहे क्रांतिकारी बदलावों और आगामी योजनाओं का विस्तृत विवरण साझा किया.
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सीएम योगी के एक्स पोस्ट को नीचे देखा जा सकता है.
पीएम मोदी का 'M.A.N.A.V.' विजन और यूपी का संकल्प
दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एआई के नैतिक, समावेशी और लोकतांत्रिक उपयोग पर जोर देते हुए 'MANAV' विजन पेश किया. सीएम योगी ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यूपी इस विजन को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि तकनीक का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाना और मानवता की सेवा करना होना चाहिए.
यूपी में एआई की दिशा में बड़े कदम:
1. देश की पहली 'एआई सिटी' (लखनऊ)
सीएम योगी ने बताया कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से लखनऊ में देश की पहली AI City विकसित की जा रही है. यह शहर विश्वस्तरीय नवाचार, प्रौद्योगिकी अनुसंधान और स्टार्टअप्स के लिए एक वैश्विक केंद्र (Hub) बनेगा, जिससे हजारों आईटी विशेषज्ञों को उत्तर प्रदेश में ही अवसर मिलेंगे.
2. एआई-समर्थित विश्वविद्यालय (उन्नाव)
प्रदेश के युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने हेतु उन्नाव में देश के पहले एआई-समर्थित बहुविषयक विश्वविद्यालय का शुभारंभ किया गया है. इसका मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा में एआई को एकीकृत करना और भविष्य के लिए तैयार मानव संसाधन तैयार करना है.
3. 'एआई प्रज्ञा' पहल: 10 लाख युवाओं का कौशल विकास
प्रदेश सरकार अपनी ‘एआई प्रज्ञा’ पहल के माध्यम से राज्य के 10 लाख से अधिक युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकी कौशल प्रदान कर रही है. यह कार्यक्रम युवाओं को ग्लोबल मार्केट की प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
किसानों और शासन में एआई का प्रभाव
सीएम योगी ने रेखांकित किया कि तकनीक का लाभ केवल शहरों तक सीमित नहीं है. कृषि क्षेत्र की बात करें तो प्रदेश के 10 लाख से अधिक कृषक परिवार एआई आधारित समाधानों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे उनकी उत्पादकता और आय में वृद्धि हो रही है. राजस्व प्रबंधन, आंतरिक सुरक्षा और प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए एआई का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे शासन अधिक उत्तरदायी और जन-केंद्रित बन रहा है.
मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में इस बात पर जोर दिया कि उत्तर प्रदेश का लक्ष्य केवल तकनीकी उन्नति हासिल करना नहीं है, बल्कि एक ऐसी सुरक्षित, संप्रभु और स्केलेबल एआई व्यवस्था विकसित करना है जो नैतिक हो और तकनीक के डर को अवसर में बदल सके. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश, भारत को एआई के क्षेत्र में वैश्विक शक्ति बनाने में अपनी रणनीतिक भूमिका निभाने के लिए तैयार है.
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