UP News: राम मंदिर का निर्माण होने के बाद अयोध्या पूरी तरह से बदल गया है. अयोध्या लगातार विकास और आर्थिक उन्नति की ओर बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है. अब जो आंकड़े हम आपको बताने जा रहे हैं, उसे जान आप भी अयोध्या के विकास की रफ्तार देखकर हैरान रह जाएंगे.
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दरअसल अयोध्या को लेकर IIM लखनऊ ने स्टडी की है. इसमें राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या के विकास को लेकर रिसर्च की गई है. IIM लखनऊ की स्टडी रिपोर्ट के बाद साफ है कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या की अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक उछाल आया है.
रिपोर्ट में क्या आया?
IIM लखनऊ की रिपोर्ट के मुताबिक, प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में पर्यटन, निवेश, रोजगार व राजस्व में बड़े पैमाने में वृद्धि हुई है. राम मंदिर निर्माण से पहले अयोध्या पवित्र तीर्थ स्थान तक ही सीमित था. मगर राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या पवित्र तीर्थ स्थान के साथ-साथ आर्थिक शक्ति बनकर भी उभर है.
IIM लखनऊ की रिपोर्ट के अनुसार, राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद यहां की आर्थिक गतिविधियों में जबरदस्त उछाल आया है. ये देश में एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के तौर पर उभर के सामने आया है. ऐसे में पर्यटन आधारित गतिविधियों से कर राजस्व 20 से 25 हजार करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है.
हर दिन 2 लाख से अधिक श्रद्धालु आ रहे अयोध्या
IIM लखनऊ की रिपोर्ट में लिखा गया है कि प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के बाद अयोध्या में आतिथ्य, निर्माण, परिवहन व सेवा क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का खूब विस्तार हुआ है. यहां अच्छी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं.
मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से देशभर में 1 लाख करोड़ से अधिक का व्यापारिक कारोबार हुआ है. इसमें अयोध्या की हिस्सेदारी महत्वपूर्ण रही है. अयोध्या में हर दिन 2 लाख से अधिक श्रद्धालु आ रहे हैं. इससे यहां आतिथ्य व उससे जुड़े उद्योगों को अभूतपूर्व गति मिली है.
150 से अधिक होटलों-होम स्टे का निर्माण
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के बाद से अयोध्या में 150 से अधिक नए होटलों और होम स्टे का निर्माण हुआ है. इसी के साथ यहां बड़े होटल चेन भी आ रहे हैं और राम नगरी में निवेश कर रहे हैं.
ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म पर बुकिंग की बात करें तो इसमें 4 गुना तक इजाफा दर्ज किया गया है. इसी के साथ स्थानीय हस्तशिल्प, धार्मिक स्मृति-चिह्न और मूर्तियों की मांग में भी तेजी के साथ उछाल देखने को मिला है, जिसका फायदा कारीगरों और स्थानीय उत्पादकों को हुआ है.
हर क्षेत्र में विकास कर रहा अयोध्या
IIM लखनऊ की रिपोर्ट के मुताबिक, प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के बाद से अब तक यहां करीब 6,000 एमएसएमई स्थापित हुए हैं. अगले 4–5 सालों में पर्यटन, परिवहन और आतिथ्य क्षेत्रों में यहां करीब 1 से 2 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने का अनुमान है. इसी के साथ यहां के छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी व्यापारियों की दैनिक आय भी बढ़कर 2,500 तक पहुंची है.
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