सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री का ये वॉट्सऐप ग्रुप आया सामने, इसमें हुई ऐसी पोस्ट कि मची सनसनी!

Alankar Agnihotri Resignation: अलंकार अग्निहोत्री ने आरोप लगाया है कि एडीएम कंपाउंड में उन्हें नजरबंद करके रखा गया है. उनसे संपर्क करने का जरिया  फिलहाल सिर्फ फोन है. उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की है कि अगर उनसे संपर्क करना संभव ना हो तो संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हेबियस कॉर्पस यानी बंदी प्रत्यक्षीकरण की कोर्ट में अपील करें.

Alankar Agnihotri

समर्थ श्रीवास्तव

28 Jan 2026 (अपडेटेड: 28 Jan 2026, 11:51 AM)

follow google news

Alankar Agnihotri Resignation: सनातन धर्म और यूजीसी के नए नियमों को लेकर बरेली सिटी मजिस्ट्रेट के पद से इस्तीफा देन वाले अलंकार अग्निहोत्री लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं. इस बीच अलंकार अग्निहोत्री को लेकर जानकारी सामने आ रही है कि वह पिछले 6 महीने से 'पुनरुत्थान बरेली परिवार' नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े हुए थे. इस ग्रुप के जरिए अलंकार अग्निहोत्री ने आरोप लगाया है कि एडीएम कंपाउंड में उन्हें नजरबंद करके रखा गया है. उनसे संपर्क करने का जरिया  फिलहाल सिर्फ फोन है. उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की है कि अगर उनसे संपर्क करना संभव ना हो तो संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हेबियस कॉर्पस यानी बंदी प्रत्यक्षीकरण की कोर्ट में अपील करें. जैसे ही अलंकार अग्निहोत्री ने अपनी नजरबंदी की बात कही व्हाट्सएप ग्रुप पर उनके समर्थकों की हलचल तेज हो गई. समर्थकों ने ग्रुप पर एक-दूसरे को भीड़ जुटाने और मजिस्ट्रेट के समर्थन में खड़े होने की बात कही है.

यह भी पढ़ें...

पुनरुत्थान बरेली परिवार के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े हैं अलंकार अग्निहोत्री

जांच में सामने आया है कि 27 मई 2025 को बरेली में बतौर सिटी मजिस्ट्रेट का कार्यभार ग्रहण करने के ढाई महीने बाद उन्होंने 12 अगस्त को 'पुनरुत्थान बरेली परिवार' के नाम से व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था. इस ग्रुप में 500 से अधिक समर्थक जुड़े हैं और सात एडमिन हैं जिनमें खुद सिटी मजिस्ट्रेट भी शामिल थे. इस ग्रुप के जरिए वे लगातार अपने समर्थकों के संपर्क में थे और सनातन धर्म से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे.

बताया जा रहा है कि पिछले साल 25 दिसंबर को जीआईसी ऑडिटोरियम में पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती पर एक बड़ा कार्यक्रम हुआ था. कागजों पर इसका आयोजक 'युवा फाउंडेशन' था. लेकिन असल सूत्रधार अलंकार अग्निहोत्री का यही 'पुनरुत्थान परिवार' था. इसमें ब्राह्मण समाज के ही लोगों ने शिरकत की थी. हालांकि इन सभी मामलों से डीएम अविनाश सिंह बेखबर रहे. इस ग्रुप से जुड़े लोग अलग-अलग तरह से अपनी-अपनी मंशा के अनुसार टिप्पणी भी कर रहे हैं. इस व्हाट्सएप ग्रुप पर जुड़े लोगों का कहना है कि सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के दिल-दिमाग में सनातन को लेकर पिछले छह महीने से काफी चीजें चल रहीं थी.

13 जनवरी को यूजीसी का नया बिल आने और प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद व उनके शिष्यों के साथ हुए दुर्व्यवहार से सिटी मजिस्ट्रेट काफी दुखी थे. वे 26 जनवरी को ही इस्तीफा देना चाहते थे. लेकिन उन्होंने सोमवार की सुबह झंडा फहराने के बाद कलेक्ट्रेट में डीएम और अन्य अधिकारियों के साथ सामान्य चर्चा की और फिर अचानक अपना इस्तीफा थमा दिया.  सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफा दिए जाने के बाद से अलंकार अग्निहोत्री की पूरी गतिविधियों की जानकारी 'पुनरुत्थान बरेली परिवार'के नाम से बने व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर कर रहे हैं. 
 

    follow whatsapp