गाजीपुर में पुलिस की पिटाई से हुई भाजपा नेता सीताराम उपाध्याय की मौत के बाद हुआ ये बड़ा एक्शन

विनय कुमार सिंह

11 Sep 2025 (अपडेटेड: 11 Sep 2025, 06:45 PM)

Ghazipur News: गाजीपुर में भाजपा नेताओं पर पुलिस के लाठीचार्ज के बाद कथित तौर पर हुई सीताराम उपाध्याय की मौत के बाद इस मामले में अब बड़ी करवाई हुई है.

 BJP workers sitting inside police station in Ghazipur (Photo- ITG)

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Ghazipur News: गाजीपुर में भाजपा नेताओं पर पुलिस के लाठीचार्ज के बाद कथित तौर पर हुई सीताराम उपाध्याय की मौत के बाद इस मामले में अब बड़ी करवाई हुई है. इस मामले में गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक इरज राजा ने बड़ा एक्शन लेते हुए 12 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की है. एसओ समेत 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है जबकि अन्य 6 को लाइन हाजिर किया गया है. 

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क्यों हुआ था ये लाठीचार्ज?

गाजीपुर के नोनहरा थाना क्षेत्र के गठिया गांव निवासी ओंकार राय और अरविंद राय के बीच बिजली के खंभे को लेकर विवाद चल रहा था. ओंकार राय अपने ट्यूबवेल पर कनेक्शन के लिए अरविंद राय के खेत से बिजली का पोल ले जा रहे थे, जिसका अरविंद राय विरोध कर रहे थे. उनका कहना था कि वे अपने खेत से पोल लेकर जा सकते हैं लेकिन ओंकार राय ऐसा नहीं कर रहे थे. अरविंद राय के समर्थन में शेरपुर गांव निवासी भाजपा नेता राजेश राय बागी, विपुल मिश्रा समेत 20 समर्थकों के साथ नोनहरा थाने पर पहुंच गए. यहां पुलिस से जब बात नहीं बनी तो वे लोग धरने पर बैठ गए. आरोप है कि पुलिस ने देर रात बिजली बंद कर लाठी चार्ज कर दिया, जिसमें कई लोग बुरी तरह से घायल हो गए.

बाद में लाठीचार्ज में घायल सीताराम उपाध्याय की मौत हो गई, जिससे इलाके में तनाव फैल गया. भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और मुआवजे की मांग की है. इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है. वहीं, बीजेपी की पूर्व विधायक अलका राय के बेटे और बीजेपी नेता पीयूष राय ने पुलिस अधिकारियों से बात कर एक्स हैंडल पर इस मामले की जानकारी पोस्ट की है.

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