Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य को प्रशासनिक जटिलताओं से मुक्त करने और नागरिकों के जीवन को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. सीएम योगी ने 'कम्प्लायंस रिडक्शन और डी-रेगुलेशन फेज-2' के तहत किए जा रहे सुधारों की एक उच्चस्तरीय समीक्षा की. इस बैठक में सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य केवल उद्योगों के लिए नहीं, बल्कि आम जनता के लिए भी सरकारी प्रक्रियाओं को पारदर्शी, समयबद्ध और भरोसे पर आधारित बनाना है.
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फेज-1 में 'देश का बेस्ट स्टेट' बना उत्तर प्रदेश
बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई कि कैबिनेट सचिवालय द्वारा जनवरी 2026 में जारी रैंकिंग में उत्तर प्रदेश को 'कम्प्लायंस रिडक्शन फेज-1' में पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य घोषित किया गया है. इसी सफलता को आगे बढ़ाते हुए अब फेज-2 पर तेजी से काम शुरू हो गया है.
डी-रेगुलेशन का मतलब नियंत्रण खत्म करना नहीं: CM योगी
सीएम ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि डी-रेगुलेशन का मतलब नियंत्रण समाप्त करना नहीं है, बल्कि 'अनावश्यक' नियंत्रणों को हटाना है. उन्होंने कहा कि शासन का लक्ष्य नागरिकों और उद्यमियों को बेजह की प्रक्रियाओं, परमिट और निरीक्षणों के जाल से मुक्त करना है. हर सुधार का प्रभाव जमीन पर दिखना चाहिए ताकि एक सामान्य नागरिक को महसूस हो कि व्यवस्था उसके लिए आसान हुई है.
फेज-2 के मुख्य आकर्षण: क्या-क्या बदलेगा?
फेज-2 के तहत सरकार 9 मुख्य थीम और 23 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर काम कर रही है. इसके लागू होने से कई क्षेत्रों में बड़े बदलाव दिखेंगे. किसानों और भू-स्वामियों को 'चेंज इन लैंड यूज' (CLU) के लिए अब लंबी प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना होगा. मास्टर प्लान वाले क्षेत्रों में अलग से अनुमति की जरूरत खत्म की जाएगी. भवन निर्माण के लिए नक्शा पास कराना, ले-आउट अप्रूवल और पूर्णता प्रमाण पत्र जैसी प्रक्रियाओं को 'रिस्क-बेस्ड फ्रेमवर्क' पर लाया जा रहा है. इसमें सेल्फ-सर्टिफिकेशन और डीम्ड अप्रूवल (तय समय में अनुमति न मिलने पर स्वतः स्वीकृत मान लेना) को बढ़ावा दिया जाएगा.
ऊर्जा क्षेत्र में बिजली कनेक्शन लेने या लोड बढ़ाने की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और ऑटो-अप्रूवल सिस्टम पर डाला जा रहा है. कम जोखिम वाले उद्योगों और कार्यों के लिए 'ट्रस्ट-बेस्ड' अप्रोच अपनाई जाएगी, यानी सरकार उद्यमी के दावों पर भरोसा करेगी और अनावश्यक निरीक्षण कम होंगे. पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने के लिए अनुमतियों को सरल बनाया जा रहा है ताकि रोजगार के नए अवसर पैदा हों.
हर प्रक्रिया होगी डिजिटल और टाइम-बाउंड
सीएम योगी ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि पुराने और अप्रासंगिक नियमों को तुरंत खत्म किया जाए. फेज-2 के तहत निरीक्षणों की संख्या कम की जाएगी और हर विभाग के लिए सुधारों की जिम्मेदारी तय होगी. सीएम का यह कदम न केवल निवेशकों को आकर्षित करेगा बल्कि आम आदमी के लिए घर बनाने से लेकर बिजली-पानी का कनेक्शन लेने जैसे दैनिक कार्यों को भी भ्रष्टाचार और देरी से मुक्त बनाएगा.
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