स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दी तत्काल सुनवाई की मंजूरी, आज आ सकता है बड़ा फैसला!

यूपी तक

• 12:37 PM • 07 Sep 2026

दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को  स्वतंत्र भारद्वाज की उस याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए सहमति दे दी, जिसमें जंतर-मंतर पर एक स्टूडेंट एक्टिविस्ट के पिता पर कथित हमले के मामले में उनकी गिरफ्तारी को चुनौती दी गई है.

Swatantra Bhardwaj Case

Swatantra Bhardwaj Case (Photo Edit By AI)

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Swatantra Bhardwaj Case: दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को  स्वतंत्र भारद्वाज की उस याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए सहमति दे दी, जिसमें जंतर-मंतर पर एक स्टूडेंट एक्टिविस्ट के पिता पर कथित हमले के मामले में उनकी गिरफ्तारी को चुनौती दी गई है. भारद्वाज की ओर से दायर हेबियस कॉर्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका पर चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच के सामने मामला रखा गया. बेंच ने इसे सोमवार यानि आज ही लिस्ट करने की अनुमति दे दी. बता दें स्वतंत्र भारद्वाज को 4 सितंबर को बुलंदशहर में हिरासत में लिया गया था और रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने के बाद उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था.

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वकील ने कहा- 3 दिन से कस्टडी में हैं भारद्वाज

स्वतंत्र भारद्वाज की ओर से अधिवक्ता उमेश शर्मा ने हाई कोर्ट में मामले को तत्काल सुनवाई के लिए रखा. उन्होंने अदालत से कहा, 'यह व्यक्ति पिछले तीन दिनों से कस्टडी में है, मैं गुज़ारिश करता हूं कि हेबियस कॉर्पस याचिका को आज ही लिस्ट किया जाए.' इसके बाद चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने याचिका को दिन के दौरान सूचीबद्ध करने की अनुमति दे दी. हेबियस कॉर्पस याचिका के जरिए भारद्वाज की गिरफ्तारी और हिरासत को चुनौती दी गई है. अब इस मामले में अदालत के समक्ष उनकी ओर से गिरफ्तारी को लेकर कानूनी आधार और अन्य दलीलें रखी जाएंगी.

4 सितंबर को बुलंदशहर से हिरासत में लिए गए थे

स्वतंत्र भारद्वाज को 4 सितंबर को बुलंदशहर में हिरासत में लिया गया था. उनकी हिरासत से कुछ घंटे पहले ही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली में पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया था. प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि जंतर-मंतर पर जून में हुए कथित हमले के मामले में भारद्वाज को गिरफ्तार किया जाए. इसके बाद दिल्ली पुलिस की कार्रवाई हुई और भारद्वाज को हिरासत में लिया गया. रविवार को उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें इस मामले में एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

FIR में SC/ST एक्ट और आपराधिक धमकी की धाराएं जुड़ीं

दिल्ली पुलिस ने जून में जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान स्टूडेंट एक्टिविस्ट के पिता संजय कुमार पर कथित हमले को लेकर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज FIR में SC/ST (Prevention of Atrocities) Act और आपराधिक धमकी से जुड़ी धाराएं जोड़ी हैं. पुलिस के अनुसार मामले की जांच के दौरान इन प्रावधानों को FIR में शामिल किया गया. इसके अलावा स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ POCSO का मामला भी दर्ज किया गया है. इस कार्रवाई के बाद मामले की कानूनी गंभीरता बढ़ गई है. गिरफ्तारी के बाद 5 सितंबर को भारद्वाज को एक सेशन जज के आवास पर पेश किया गया था. वहां दिल्ली पुलिस ने आरोपी से एक दिन तक हिरासत में पूछताछ की मांग की थी, जिसे मंजूरी दे दी गई.

इंटरव्यू के बाद बढ़ा था विवाद

भारद्वाज के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के पीछे जून में हुए कथित हमले से संबंधित एक इंटरव्यू भी अहम वजह बताया जा रहा है. इस इंटरव्यू में भारद्वाज ने कथित तौर पर दावा किया था कि 23 जून को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने स्टूडेंट एक्टिविस्ट के पिता का सिर फोड़ दिया था. उन्होंने यह भी दावा किया था कि अपने राजनीतिक संपर्कों की वजह से वह गिरफ्तारी से बच गए. इंटरव्यू में भारद्वाज ने कहा था 'मैंने सिर फोड़ दिया था... क्या आपको पता है कि इस अपराध के लिए कौन सी धारा लगती है? धारा 307. उन्हें 60 टांके लगे थे.' उनके इस बयान के सामने आने के बाद मामले को लेकर विवाद और बढ़ गया था और उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हुई थी.

स्टूडेंट ने लगाए थे रेप की धमकी के आरोप

इस मामले में संबंधित स्टूडेंट एक्टिविस्ट ने भी पहले गंभीर आरोप लगाए थे. स्टूडेंट का कहना था कि अपने पिता पर हुए कथित हमले के खिलाफ आवाज उठाने और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद उसे रेप की धमकियां दी गईं. उसने यह भी आरोप लगाया था कि उसके साथ गाली-गलौज की गई और उसकी मॉर्फ्ड तस्वीरें भेजी गईं. इन आरोपों के बाद मामले को लेकर विवाद और बढ़ गया था. पुलिस ने अब भारद्वाज के खिलाफ दर्ज मामले में अलग-अलग कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की है. वहीं स्वतंत्र भारद्वाज ने अपनी गिरफ्तारी को हाई कोर्ट में चुनौती दी है.