Alankar Agnihotri News: उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल जारी है. इस बीच हम आपके लिए यूपी Tak के खास शो 'आज का यूपी' में राज्य की तीन सबसे बड़ी खबरों का विश्लेषण लेकर आए हैं. आज के बुलेटिन की पहली बड़ी खबर यूजीसी के नए नियमों पर अदालत की रोक के बाद राजनीतिक दलों में क्रेडिट लेने की होड़ और फैला हुआ भारी कंफ्यूजन है. दूसरी खबर में आप जानिए बरेली से इस्तीफा देने वाले सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री अब हाथरस के जरिए दिल्ली कूच की तैयारी में हैं, क्या है उनका सियासी प्लान? तीसरी खबर यूजीसी बिल के बहाने इस्तीफा देने वाले अफसरों के पीछे छिपी राजनीति और समाजवादी पार्टी से बढ़ते उनके संपर्क को लेकर है.
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यूजीसी नियमों पर स्टे, राहत या नई आफत? उलझ गए सियासी दल
सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी के नए इक्विटी रेगुलेशन पर रोक लगाने के बाद कॉलेज कैंपस से लेकर सियासी गलियारों तक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है. सामान्य वर्ग के संगठनों में जहां खुशी की लहर है, वहीं राजनीतिक दलों में क्रेडिट लेने की होड़ मच गई है. सपा चीफ अखिलेश यादव ने एक रहस्यमयी पोस्ट में 'सच्चा न्याय' की बात की, लेकिन यह साफ नहीं किया कि वह नियमों के साथ हैं या खिलाफ. वहीं, कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने अदालत के फैसले का खुलकर स्वागत किया. दूसरी ओर सपा नेता इंद्रजीत सरोज के बेटे ने इसे सरकार के दबाव का नतीजा बताया. बीजेपी नेताओं के लिए यह स्टे एक ब्रीथिंग स्पेस जैसा है, क्योंकि उनके घरों के बाहर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी तेज हो गई थी. दिनेश शर्मा जैसे बड़े नेताओं के घर के बाहर पोस्टर वार शुरू हो चुका था, जिसे कोर्ट के फैसले ने फिलहाल थाम दिया है.
अलंकार अग्निहोत्री क्या तय करेंगे अब अफसर से नेता बनने का सफर?
बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री पिछले कुछ दिनों से अपनी कार्यशैली और अचानक दिए गए इस्तीफे को लेकर चर्चा में थे अब वह हाथरस पहुंच चुके हैं. राष्ट्रीय सवर्ण सेना परिषद के साथ मिलकर उन्होंने अपनी नई राह चुन ली है. अग्निहोत्री ने आरोप लगाया था कि उन्हें नजरबंद किया गया, लेकिन अब वह 7 फरवरी को हाथरस से दिल्ली तक की पदयात्रा करने जा रहे हैं और भारत बंद का आह्वान भी किया है. एक प्रशासनिक अधिकारी का अचानक एक संगठन के साथ जुड़कर सड़कों पर उतरना यह संकेत दे रहा है कि उनके पीछे कोई बड़ी राजनीतिक ताकत काम कर रही है.
इस्तीफों के पीछे की इनसाइड स्टोरी और सियासी कनेक्शन
अलंकार अग्निहोत्री और जीएसटी डिप्टी कलेक्टर प्रशांत सिंह के इस्तीफों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. यूपी Tak से बातचीत में अग्निहोत्री ने स्वीकार किया कि उनकी बात नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे से हुई है. चर्चा है कि बरेली में तैनात रहते हुए उन्होंने 600 ब्राह्मणों का एक वॉट्सऐप ग्रुप बना रखा था, जिससे उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं पहले से ही झलक रही थीं. वहीं, प्रशांत सिंह पर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट की जांच से बचने के लिए इस्तीफे का दांव खेला है और वह पूर्वांचल की किसी सीट से चुनाव लड़ना चाहते है. कुल मिलाकर, यूजीसी बिल इन अधिकारियों के लिए राजनीति में एंट्री का एक लॉन्चपैड बन गया है.
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