उत्तर प्रदेश में मोटे अनाज पर बढ़ाई गई MSP, मक्का-ज्वार-बाजरा को नए दरों पर 31 दिसंबर तक खरीदेगी सरकार

अभय राठौर

• 05:05 PM • 09 Oct 2026

UP Farmers: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए मक्का, बाजरा और ज्वार की सरकारी खरीद को मंजूरी दे दी है. मक्का का MSP 2410 रुपये, बाजरा का 2900 रुपये और ज्वार का 4023 से 4073 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है.

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UP Farmers: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 9 अक्टूबर 2026 को कैबिनेट बैठक हुई. इस बैठक में सरकार ने किसानों से मोटा अनाज खरीदने का ऐलान किया है. खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए मक्का, बाजरा और ज्वार को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद की नई नीति को मंजूरी दे दी गई है. इस बड़े फैसले के तहत अब राज्य के किसान अपनी खरीफ की फसलें सीधे सरकार को तय दामों पर बेच सकते हैं. यह सरकारी खरीद प्रक्रिया 1 अक्टूबर से शुरू मानी जाएगी और 31 दिसंबर 2026 तक जारी रहेगी, जिसके लिए प्रदेश भर में अलग-अलग खरीद केंद्र भी बनाए जाएंगे.

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किसानों को मिलेगी नई एमएसपी

सरकार के इस फैसले के बाद मोटा अनाज उगाने वाले किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिलेगा. सरकार ने मक्का, ज्वार और बाजरा पर MSP तय कर दी है. सरकार मक्का को 2,410 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से खरीदेगी. इसके साथ ही बाजरा का नया समर्थन मूल्य 2,900 रुपये प्रति क्विंटल तय कर दिया गया है. तो वहीं, ज्वार उगाने वाले किसानों के लिए भी दो अलग-अलग रेट तय किए गए हैं. सरकार हाइब्रिड ज्वार की खरीद 4,023 रुपये प्रति क्विंटल और मालदांडी ज्वार की खरीद 4,073 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करेगी.

तीन महीने तक चलेगी सरकारी खरीद

किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने मोटे अनाज की फसलों की खरीद का समय तय कर दिया है. खरीफ की इन तीनों प्रमुख फसलों की सरकारी खरीद का अभियान 1 अक्टूबर 2026 से लेकर 31 दिसंबर 2026 तक चलाया जाएगा. इन तीन महीनों के दौरान किसान भाई अपनी तैयार हो चुकी फसल को तय किए गए सरकारी केंद्रों पर ले जाकर बिना किसी बिचौलिए के सीधे बेच सकते हैं.

प्रदेश भर में बनेंगे क्रय केंद्र

किसानों को मोटा अनाज बेचने में कोई परेशानी या भागदौड़ न करनी पड़े, इसके लिए राज्य भर में पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, किसानों से मक्का खरीदने के लिए कुल 75 क्रय केंद्र बनाए जाएंगे. वहीं, बाजरा की ज्यादा पैदावार को देखते हुए इसके लिए 300 क्रय केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं. इसके अलावा, ज्वार की बिक्री के लिए भी 80 क्रय केंद्र खोले जाएंगे. सरकार का यह फैसला मोटा अनाज उगाने वाले किसानों के लिए बहुत राहत भरा है. किसान इन क्रय केंद्रों पर जाकर अपनी फसल आसानी से बेच सकते हैं.

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