चंपत राय ने दिया महासचिव पद से इस्तीफा, ट्रस्ट ने कहा ‘न्यास विचार करेगा’, अगली बैठक में हो सकता है अब कोई बड़ा फैसला!

Ram Mandir Update: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बीच चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर ट्रस्ट ने आधिकारिक बयान जारी किया है. ट्रस्ट ने इस्तीफे मिलने की पुष्टि की, एसआईटी जांच पर भरोसा जताया और श्रद्धालुओं से अफवाहों से बचने की अपील की.

Ram Mandir Case Update

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संतोष शर्मा

27 Jun 2026 (अपडेटेड: 27 Jun 2026, 05:02 PM)

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Ram Mandir Case Update: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले के बीच पिछले दो दिनों से चल रहा सस्पेंस अब पूरी तरह खत्म हो गया है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे को लेकर जो चर्चाएं हवा में थीं अब उस पर खुद ट्रस्ट ने आधिकारिक मुहर लगा दी है. ट्रस्ट की ओर से जारी एक ऑफिशियल प्रेस विज्ञप्ति में इस बात की पुष्टि की गई है कि चंपत राय और अनिल मिश्रा का त्यागपत्र प्राप्त हो चुका है. ट्रस्ट ने यह भी साफ किया है कि वह अपनी आगामी बैठक में इस इस्तीफे पर विचार करेगा. आइए जानते हैं कि इस पूरे मामले को लेकर ट्रस्ट ने अपने इस आधिकारिक पत्र में और क्या-क्या बड़ी बातें कही हैं.

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ट्रस्ट की ओर से कही गई ये 5 बातें

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से जारी प्रेस नोट में इस बात का जिक्र किया गया है कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और न्यासी अनिल मिश्रा का इस्तीफा प्राप्त हुआ है. न्यास अपनी अगली बैठक में इस पर गहन विचार करेगा. ट्रस्ट ने पत्र में आगे ये भी लिखा है कि ' श्रीराम मंदिर में पिछले कुछ दिनों से जो घटनाएं सुनने में आई हैं उससे पूरा न्यास स्तब्ध, आहत और अत्यंत दुखी है. समस्त रामभक्तों और रामसेवकों के प्रतिनिधि के रूप में सेवा करने वाला यह ट्रस्ट इसकी न्यायपूर्ण जांच कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.'

दान की गई चांदी की ईंटें और आभूषण सुरक्षित

अनेक अफवाहों के बीच ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं को सबसे बड़ा आश्वासन देते हुए कहा है कि जिन भक्तों ने चांदी की ईंटें, आभूषण आदि प्रभु श्रीराम की सेवा में अर्पण करने के लिए न्यास के अधिकारियों को सौंपे थे, वे सभी वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका पूरा हिसाब-किताब उपलब्ध है.

SIT रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज और वैधानिक कार्रवाई जारी

प्रेस नोट के मुताबिक, मंदिर के दान पात्रों से जो राशि गायब हुई थी उस घटना के संबंध में न्यास के निवेदन पर उत्तर प्रदेश शासन द्वारा एक एसआईटी (SIT) का गठन किया गया था. एसआईटी से प्राप्त अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर ही न्यास ने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है और इस मामले में अब पूरी वैधानिक व कानूनी कार्रवाई जारी है.

अफवाहों से बचने की अपील और अपराधियों को कड़ी सजा की मांग

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविन्ददेव गिरि की ओर से जारी इस नोट में कहा गया है कि भविष्य में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति दोबारा न बने, इसे हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा. अपराधियों को कड़ा दंड दिलाने के लिए न्यास पूरी तरह आग्रही है. इसके साथ ही ट्रस्ट ने लोगों से अपील की है कि वे असामाजिक और स्वार्थी तत्वों द्वारा सनातन धर्म पर लांछन लगाने के प्रयासों को सफल न होने दें और सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही भ्रामक व निराधार अफवाहों से स्वयं बचें. आखिर में विश्वास जताया गया है कि 'ये बादल छटेंगे, अंधेरा हटेगा और सत्य-सूर्य का प्रकाश होगा.' ऐसे में अब ये देखना होगा कि ट्रस्ट अपनी अगली बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को लेकर क्या फैसला लेता है.