Ram Mandir Update: अयोध्या के राम मंदिर में करोड़ो भक्तों की आस्था के चढ़ावे पर हाथ साफ करने वाले सिंडिकेट को लेकर इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है. पुलिस की तफ्तीश में इस महाचोरी का वो सिरा हाथ लगा है जिसने जांच अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए हैं. राम मंदिर के व्यवस्थापक और इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड माने जा रहे रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के ठिकाने से पुलिस ने लाख-दो लाख नहीं बल्कि पूरे 20 लाख रुपये कैश बरामद किए हैं. पुलिस जब टिन्नू यादव को गिरफ्तार करने के बाद उसके हॉस्टल लेकर पहुंची तो वहां के दो कमरों की तलाशी के दौरान नोटों की गड्डियां बरामद हुईं.
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हॉस्टल के कमरों से उगले 20 लाख रुपये
गुरुवार देर रात पुलिस ने जब टिन्नू यादव को दबोचा, तो उसने पूछताछ में अपने छिपे हुए कैश का राज उगल दिया. इसके बाद शुक्रवार की सुबह पुलिस की एक विशेष टीम टिन्नू यादव को लेकर अयोध्या की दुर्गापुरी कॉलोनी स्थित उसके हॉस्टल पहुंची. टिन्नू यादव को कड़े पहरे के बीच 4 पुलिसकर्मियों की निगरानी में उसके हॉस्टल लाया गया था.
पुलिस ने जब हॉस्टल में टिन्नू के कब्जे वाले दो कमरों की सघन तलाशी ली, तो वहां से 20 लाख रुपये कैश बरामद हुए. इस रेड से पहले पुलिस टिन्नू और उसके सगे भतीजे मनीष यादव के पास से कुछ कैश बरामद कर चुकी थी. हॉस्टल की इस बड़ी रिकवरी को मिलाकर पुलिस अब तक इन चाचा-भतीजे के पास से लगभग 23 लाख रुपये की बरामदगी दिखा चुकी है.
अब तक का पूरा मामला?
मई के महीने में जब राम मंदिर ट्रस्ट ने चढ़ावे और भक्तों की संख्या का ऑडिट (आकलन) किया तो पाया कि दान पात्रों से करीब 7 से 8 लाख रुपये कम हैं. 500-500 के नोटों की गड्डियां लगातार कम हो रही थीं. शक होने पर नोट गिनने वाले कक्ष में चुपके से कुछ हिडन कैमरे लगा दिए गए. जब इन कैमरों की सवा महीने की फुटेज खंगाली गई तो पाया गया कि नोट गिनने के दौरान 70 बार चोरी की गई थी.
यह कोई मामूली चोरी नहीं थी बल्कि बैंक कर्मियों और ट्रस्ट के आउटसोर्सिंग स्टाफ का एक पूरा संगठित सिंडिकेट था. कर्मचारी जानबूझकर मुख्य सीसीटीवी कैमरे के आगे खड़े हो जाते थे ताकि उनकी हरकतें रिकॉर्ड न हों और इसी बीच दूसरा साथी नोटों की गड्डी से रुपए निकालकर अपने कपड़ों में छिपा लेता था. कभी-कभी गड्डी बनाते समय उसमें जानबूझकर एक्स्ट्रा नोट रख दिए जाते थे जिन्हें बाद में सेटिंग के तहत बाहर निकाल लिया जाता था.
टिन्नू यादव की हनक और सिंडिकेट के किरदार
इस मामले में पुलिस ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया है जिनमें से मुख्य किरदार ये हैं.
टिन्नू यादव: यह ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का करीबी और मंदिर का व्यवस्थापक था. इसके पास वायरलेस सेट रहता था और सुरक्षाकर्मी भी इसकी हनक से खौफ खाते थे. इसी की सिफारिश पर नोट गिनने वाले कर्मचारी रखे जाते थे.
मनीष यादव: टिन्नू यादव का सगा भतीजा, जो पिछले डेढ़ साल से नोट गिनने के काम में लगा हुआ था.
सुभाष चंद्र श्रीवास्तव: एसबीआई (SBI) के रिटायर्ड बैंक कर्मी और कैश काउंटिंग स्टाफ के प्रभारी, जिनकी नाक के नीचे यह पूरा खेल चल रहा था.
अन्य आरोपी: अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला और करुणेश पांडे. इनमें से लवकुश मिश्रा के घर से भी ₹1 लाख कैश बरामद हुआ था.
इस घटना के बाद से यूपी की सियासत पूरी तरह गरमाई हुई है. विपक्ष लगातार राम मंदिर ट्रस्ट की सुरक्षा और पारदर्शिता पर सवाल उठा रहा है. इस बीच चंपत राय के इस्तीफे की खबरें भी लगातार सुर्खियों में बनी हुई है.
फिलहाल, टिन्नू यादव के हॉस्टल से मिली इस 20 लाख की भारी रकम के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुट गई है कि क्या इस सिंडिकेट के तार मंदिर ट्रस्ट के कुछ और बड़े चेहरों से भी जुड़े हैं या नहीं. इस मामले की पल-पल की अपडेट के लिए यूपी Tak के साथ बने रहिए.
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