यूपी में बड़ी संख्या में होमगार्ड नियुक्ति को लेकर आया बिग अपडेट, एज लिमिट को लेकर हो सकता है ये बड़ा बदलाव

यूपी तक

• 09:47 AM • 29 Aug 2025

उत्तर प्रदेश में लंबे समय से खाली पड़े होमगार्ड के पदों पर अब जल्द ही भर्ती की जाएगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए मौजूदा नियमों में संशोधन किया जाए. 

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उत्तर प्रदेश में लंबे समय से खाली पड़े होमगार्ड के पदों पर अब जल्द ही भर्ती की जाएगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए मौजूदा नियमों में संशोधन किया जाए. 

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होमगार्ड्स की भूमिका में बदलाव और जिम्मेदारियों के विस्तार को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक नया भर्ती बोर्ड बनाने का भी निर्देश दिया है. यह बोर्ड पुलिस भर्ती एवं प्रशिक्षण बोर्ड की मदद से काम करेगा. भर्ती प्रक्रिया समय पर पूरी की जाएदी. 

क्यों हो रहे हैं नियमों में बदलाव?

अधिकारियों ने बताया कि इस समय होमगार्ड के 118348 स्वीकृत पदों में से 71155 ही कार्यरत हैं. अगले एक दशक में करीब 38000 होमगार्ड रिटायर होने वाले हैं. इसके अलावा मौजूदा समय में 51% से अधिक जवान 50 साल या उससे अधिक की उम्र के हैं.  युवाओं को मौका देने और होमगार्ड बल में नई ऊर्जा लाने के लिए भर्ती प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित हैं. इनमें- 

अधिकतम आयु सीमा: मुख्यमंत्री ने भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा 30 साल तक करने का सुझाव दिया है.

लिखित परीक्षा अनिवार्य: भर्ती में पारदर्शिता और योग्यता सुनिश्चित करने के लिए लिखित परीक्षा को अनिवार्य किया जाएगा.

प्राथमिकता: ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनके पास आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण या अनुभव हो.

आजकल होमगार्ड्स का उपयोग सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है. उनकी सेवाएं कई अन्य क्षेत्रों में भी ली जा रही हैं, जैसे ट्रैफिक प्रबंधन, शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा, परिवहन और खनन क्षेत्रों में मदद, दूरदर्शन और आकाशवाणी में सहयोग. लोकसभा और विधानसभा चुनावों के साथ-साथ महाकुंभ-2025 जैसे बड़े आयोजनों में भी होमगार्ड्स महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं.  

डिजिटलीकरण और प्रशिक्षण 

विभाग ने अपनी सभी प्रक्रियाओं को पूरी तरह से डिजिटल कर दिया है. ड्यूटी का आवंटन, भत्ते का वितरण और पेंशन जैसी सेवाएं अब ऑनलाइन उपलब्ध हैं. ‘होमगार्ड मित्र ऐप’ जैसी पहल से पारदर्शिता और कार्यकुशलता में काफी सुधार हुआ है. इसके अलावा होमगार्ड्स को बुनियादी और उन्नत प्रशिक्षण देने के लिए एक केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान और 12 मंडल प्रशिक्षण केंद्र भी काम कर रहे हैं. यहां हर साल 15,000 से अधिक स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया जाता है.