आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के टोल कर्मियों को दिवाली पर कंपनी ने दिया 1100 का बोनस, उन्होंने गेट खोल निकलवा दीं 10,000 गाड़ियां

अरविंद शर्मा

21 Oct 2025 (अपडेटेड: 21 Oct 2025, 02:57 PM)

UP News: ये मामला फतेहाबाद टोल से सामने आया है. टोल कर्मचारियों ने गुस्से में आकर जो किया, उसका फायदा करीब 10 हजार गाड़ियों को मिल गया.

Agra-Lucknow Expressway, Toll Tax, Bonus, Diwali Bonus, Free Pass, How to go without toll, Trick to avoid toll, Expressway, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे , टोल टैक्स, बोनस, दीवाली बोनस, फ्री पास, बिना टोल कैसे जाए, टोल ना देने का ट्रिक, एक्सप्रेसवे

UP News

Google CTA

UP News: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर स्थित फतेहाबाद टोल से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां काम करने वाले कर्मचारियों ने जिस तरह से अपने गुस्सा का इजहार किया है, उसने सभी को चौंका दिया है. दरअसल दीवाली के मौके पर टोल कर्मचारियों को सिर्फ 1100 रुपये का बोनस मिला. इस बोनस से कर्मचारी काफी नाराज थे.

यह भी पढ़ें...

ऐसे में टोल कर्मचारियों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए, कुछ घंटों के लिए टोल ही फ्री कर दिया. इस दौरान हजारों की संख्या में गाड़ियां बिना टोल दिए निकल गईं और कंपनी को लाखों रुपये का नुकसान हो गया. टोल कर्मचारियों ने कंपनी के बोनस का विरोध करते हुए, लोगों को फ्री पास का तोहफा दे डाला.

2 घंटे तक फ्री रहा टोल

बता दें कि फतेहाबाद टोल प्लाजा की जिम्मेदारी श्री साइन एंड कंपनी के पास है. बताया जा रहा है कि मार्च 2025 में ही कंपनी ने इस टोल की जिम्मेदारी संभाली है. कंपनी की तरफ से दीवाली के मौके पर यहां काम करने वाले कर्मचारियों को 1100 रुपये का बोनस दिया गया.

इस बोनस से कर्मचारी काफी नाराज थे. कर्मचारियों का कहना था कि वह पूरे साल मेहनत करते हैं. कंपनी ने इतना कम बोनस देकर, उनकी और उनकी मेहनत का अपमान किया है. ऐसे में कर्मचारी जैसे ही सुबह की शिफ्ट में आए, उन्होंने टोल फ्री कर दिया और टोल के गेट खोल दिए. इस दौरान हजारों की संख्या में गाड़ियां बिना टोल दिए ही निकल गईं.

पुलिस मौके पर पहुंची

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच बात करवाई. इसके बाद कंपनी ने कर्मचारियों की सैलरी में 10 प्रतिशत का इजाफा किया और भरोसा दिलाया कि अगले साल के बोनस में उनकी मांगो का ख्याल रखा जाएगा. इसके बाद टोल का संचालन फिर से शुरू किया गया.

बताया जा रहा है कि इस दौरान करीब 10 हजार वाहन बिना टोल दिए निकल गए और कंपनी को लाखों का नुकसान उठाना पड़ा.