16000 से 20000 मंथली सैलरी... यूपी में एक बड़े आउटसोर्स जॉब सेक्टर में अब मुश्किलें हो जाएंगी आसान

उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन बढ़ाकर 16,000 से 20,000 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा. जानें कैसे नए 'उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम' से कर्मचारियों की नौकरी होगी सुरक्षित.

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उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए योगी सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है. इस फैसले के बाद प्रदेश में लाखों संविदाकर्मियों की मुश्किलें आसान हो जाएंगी. अब आउटसोर्स कर्मचारियों को मासिक मानदेय 16,000 से 20,000 रुपये तक मिलेगा. साथ ही, उनकी नौकरी भी पहले से ज़्यादा सुरक्षित और पारदर्शी होगी.

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उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने मंगलवार को बताया कि योगी कैबिनेट ने प्रदेश में आउटसोर्सिंग सेवाओं को अधिक सुरक्षित और जवाबदेह बनाने के लिए 'उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम' के गठन को मंजूरी दी है. यह निगम एक गैर-लाभकारी पब्लिक लिमिटेड कंपनी होगी, जो सीधे विभागों की जगह आउटसोर्सिंग एजेंसियों का चयन करेगी.

अब पारदर्शी होगी प्रक्रिया और सीधे खाते में आएगी सैलरी

लंबे समय से यह शिकायत मिल रही थी कि आउटसोर्सिंग एजेंसियां सरकार द्वारा तय मानदेय का पूरा भुगतान कर्मचारियों को नहीं करती थीं. इस अनियमितता को रोकने के लिए अब एक नई व्यवस्था लागू की गई है.

  • सीधे खाते में मानदेय: अब कर्मचारियों का मासिक मानदेय सीधे उनके बैंक खाते में 1 से 5 तारीख के बीच जमा होगा.
  • पीपीएफ और ईएसआई: ईपीएफ और ईएसआई का अंशदान भी अब सीधे कर्मचारियों के खाते में जाएगा, जिससे उनके भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित होगी.
  • पारदर्शी एजेंसी चयन: एजेंसियों का चयन अब जेम पोर्टल (Government e-Marketplace) के माध्यम से किया जाएगा, जिससे चयन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता रहेगी.

मिलेंगी बेहतर सेवा शर्तें और आरक्षण का लाभ

यह निर्णय सिर्फ सैलरी बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कर्मचारियों की सेवा शर्तों में भी सुधार होगा.

  • तीन साल की नौकरी: आउटसोर्स कर्मचारियों को अब तीन साल के लिए काम पर रखा जाएगा, जिससे नौकरी में स्थिरता आएगी.
  • काम के घंटे: एक महीने में कर्मचारियों से 26 कार्य दिवसों तक सेवा ली जाएगी.
  • सामाजिक सुरक्षा: नई व्यवस्था में महिलाओं को मैटरनिटी लीव का अधिकार मिलेगा और सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए 15,000 रुपये की सहायता दी जाएगी.
  • आरक्षण का प्रावधान: संवैधानिक प्रावधानों के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, भूतपूर्व सैनिक और महिलाओं को आउटसोर्सिंग नियुक्तियों में आरक्षण का लाभ मिलेगा.

लाखों युवाओं को होगा फायदा

योगी सरकार के इस फैसले से लाखों युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे और एक नया मॉडल स्थापित होगा. लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के प्रावधान से यह सुनिश्चित होगा कि योग्य उम्मीदवारों को ही मौका मिले. इस फैसले से यूपी में आउटसोर्स नौकरी के क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार और शोषण पर लगाम लगेगी, और कर्मचारियों को उनका हक मिलने का रास्ता भी साफ होगा.