जेल से बाहर आया स्वतंत्र भारद्वाज, मीडिया से बचकर लगाई दौड़, इस दिन मिली थी बेल
यूपी तक
• 12:24 PM • 18 Sep 2026
जंतर-मंतर पर एक दलित पिता के साथ मारपीट करने और पॉडकास्ट में अपने आरोप को कबूलने वाले इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को जमानत मिल गई है. SC/ST और पॉक्सो एक्ट के तहत जेल में बंद स्वतंत्र गुरुवार रात जेल से रिहा हो चुके हैं. जेल से बाहर आते ही वह मीडिया से बातचीत करने से बचा और सीधे टैक्सी में भागकर बैठ गया.
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जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान एक मारपीट विवाद के कारण सलाखों के पीछे पहुंचा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को कोर्ट से बेल मिल गई है. गुरुवार की रात स्वतंत्र भारद्वाज जेल से बाहर आया, लेकिन इस दौरान उसने मीडिया से दूरी बनाए रखी और चुप्पी साधे सीधे निकल गया.


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स्वतंत्र भारद्वाज को जमानत दो दिन पहले ही मिल चुकी थी, लेकिन जेल से जुड़ी कागजी कार्रवाई और कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने में वक्त लग गया है. इसी कारण उसे गुरुवार रात करीब 9:45 बजे जेल से रिहाई मिली है.
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जेल से बाहर आते ही स्वतंत्र भारद्वाज वहां मौजूद मीडिया के कैमरों और सवालों से बचता हुआ नजर आया है. बाहर निकलते ही वह तेजी से भागा और बिना कोई भी बयान दिए सीधे एक टैक्सी में बैठकर वहां से निकल गया.


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यह पूरा मामला 23 जून 2024 का है. उस दिन जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' का प्रदर्शन चल रहा था. वहां एक दलित व्यक्ति अपनी 14 साल की बेटी के साथ आया था. इसी दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर स्वतंत्र का उनसे विवाद हुआ था.
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आरोप है कि स्वतंत्र भारद्वाज ने बच्ची के पिता पर जानलेवा हमला किया था, जिससे उनका सिर फट गया था, जिससे पीड़ित के सिर पर कई टांके लगे थे. स्वतंत्र भारद्वाज ने इस हमले की बाद भी कबूल की थी. जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस केस में POCSO और SC/ST एक्ट की सख्त धाराएं जोड़ी थीं.


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इस घटना के बाद स्वतंत्र का एक पॉडकास्ट वीडियो वायरल हुआ था. इसमें वह अहंकार में कहता नजर आया, 'मैंने एक बच्ची के पिता का सिर फाड़ दिया था, लेकिन बड़े नेताओं का हाथ होने के कारण मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सका और मुझे जेल नहीं जाना पड़ा.'
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इस वीडियो के वायरल होते ही राजनीतिक भूचाल आ गया था. राहुल गांधी और चंद्रशेखर आजाद जैसे बड़े विपक्षी नेताओं ने सरकार और पुलिस की चुप्पी पर कड़े सवाल उठाए थे. बढ़ते दबाव के बाद पुलिस एक्शन में आई और स्वतंत्र भारद्वाज को जेल भेज दिया गया था.
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