Surya Grahan 2026: 12 अगस्त को बनेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण, इन 3 राशियों की बढ़ेगी मुश्किलें!
यूपी तक
• 04:03 PM • 08 Aug 2026
12 अगस्त 2026 को सावन अमावस्या के दिन साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. इस दौरान कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में खतरनाक ग्रहण योग का निर्माण हो रहा है. ज्योतिष गणना के अनुसार, सूर्य, चंद्रमा और राहु की युति से बनने वाला यह योग कर्क, सिंह और कन्या राशि वालों के लिए मानसिक तनाव, धन हानि और करियर में रुकावटें ला सकता है.
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12 अगस्त 2026 को सावन अमावस्या के खास मौके पर साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने वाला है. खगोलीय नजरिए से यह एक बड़ी घटना है, लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन सूर्य, चंद्रमा और राहु के एक साथ आने से एक बेहद संवेदनशील 'ग्रहण योग' बन रहा है. यह महासंयोग कई राशियों की परेशानियां बढ़ा सकता है.


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वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जब भी सूर्य या चंद्रमा का राहु या केतु के साथ मिलन होता है, तो खतरनाक 'ग्रहण योग' का निर्माण होता है. 12 अगस्त को यह योग कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में बन रहा है. इसका सीधा असर लोगों के आत्मविश्वास पर पड़ता है, जिससे दिमागी उलझन, गलत फैसले और अचानक धन हानि जैसी स्थितियां पैदा होती हैं.
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यह ग्रहण योग सीधे आपकी ही राशि यानी कर्क में बन रहा है, इसलिए आपको सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. आपके मन में किसी बात को लेकर अज्ञात डर और मानसिक तनाव बना रह सकता है. रिश्तों और वैवाहिक जीवन में गलतफहमियां बढ़ सकती हैं. अभी कोई भी बड़ा आर्थिक फैसला न लें और बेवजह की यात्राओं से बचें.


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सिंह राशि के स्वामी खुद सूर्य देव हैं, इसलिए ग्रहण का सबसे ज्यादा असर आपके मान-सम्मान और करियर पर पड़ सकता है. ऑफिस में वरिष्ठ अधिकारियों या साथ काम करने वालों से आपकी अनबन हो सकती है. किसी करीबी इंसान से धोखा मिलने का डर है, इसलिए अपनी गुप्त बातें किसी से भी साझा न करें और काम पर ध्यान दें.
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कन्या राशि वालों के लिए यह सूर्य ग्रहण स्वास्थ्य और पैसे के मामले में भारी पड़ सकता है. आपके बनते-बनाए काम अचानक बीच में अटक सकते हैं. कहीं भी पैसा लगाने से बचें वरना नुकसान हो सकता है. कोई भी जरूरी कागज बिना पढ़े साइन न करें और गाड़ी चलाते समय सड़क पर पूरी सावधानी बरतें.


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भारतीय समयानुसार यह पूर्ण सूर्य ग्रहण रात के समय लगेगा, इसलिए यह भारत में दिखाई नहीं देगा. भारत में इसके नजर न आने के कारण इसका सूतक काल भी यहां मान्य नहीं होगा. आपको पूजा-पाठ रोकने या मंदिरों के कपाट बंद करने की कोई जरूरत नहीं है. हालांकि, ग्रहों की चाल का ज्योतिषीय असर सभी राशियों पर जरूर पड़ेगा.
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ग्रहण के बुरे असर से बचने के लिए सावन अमावस्या के दिन भगवान शिव की आराधना करें. 'ऊं नमः शिवाय' और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से राहु का दोष खत्म होता है. सूर्य देव की उपासना करें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें. ग्रहण के बाद किसी जरूरतमंद को हरी मूंग, गुड़, लाल कपड़े या तांबे के बर्तन का दान करना बेहद शुभ रहेगा.
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