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अखिलेश गए हैं लंदन, सपा चीफ की गैर-मौजूदगी में शिवपाल ने ली विधायकों की बैठक, जानिए

UP Political News: समाजवादी पार्टी (सपा) ने सोमवार से शुरू हो रहे उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र को लेकर रविवार को सपा कार्यालय में…

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UP Political News: समाजवादी पार्टी (सपा) ने सोमवार से शुरू हो रहे उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र को लेकर रविवार को सपा कार्यालय में बैठक बुलाई. आपको बता दें कि बिना सपा चीफ अखिलेश यादव की ही समाजवादी पार्टी के विधायकों की ये बैठक हुई. पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव और विधानमंडल दल के मुख्य सचेतक मनोज पांडे ने बैठक की अध्यक्षता की. मिली जानकारी के अनुसार, बीती 10 फरवरी को अपनी बेटी के एडमिशन के चलते अखिलेश यादव लंदन गए थे और अभी लखनऊ लौटे नहीं हैं. डेढ़ घंटे चली बैठक के बाद बाहर निकले विधायकों ने कहा कि भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और बढ़ते अपराध के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी सरकार को घेरने का काम करेगी.

 

6 साल बाद सपा कार्यालय पहुंचे शिवपाल यादव

आपको बता दें कि सपा में प्रसपा का विलय होने के बाद से शिवपाल सिंह यादव अपने पुराने अंदाज में नजर आ रहे हैं. शिवपाल यादव रविवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय पहुंचे. बताते चलें कि साल 2017 के बाद पहली बार शिवपाल यादव सपा कार्यालय पहुंचे हैं. यहां शिवपाल ने विधायकों के साथ बैठक ली. इस बैठक में सपा ने विधानसभा में योगी सरकार को घेरने की रणनीति को लेकर चर्चा करी.

यूपी विधानमंडल का बजट सत्र 20 फरवरी से शुरू होगा और राज्य का बजट 22 फरवरी को पेश किए जाने की संभावना है. सपा ने 15 फरवरी को कहा था कि वह उत्तर प्रदेश विधानसभा में कानपुर देहात जिले में एक अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान कथित तौर पर आत्मदाह के कारण एक महिला और उसकी बेटी की मौत का मुद्दा उठाएगी.

बता दें क‍ि मैनपुरी चुनाव में डिंपल यादव की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले शिवपाल यादव के लिए अखिलेश ने समाजवादी पार्टी का राष्‍ट्रीय महासच‍िव बनाया है. 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की पहल पर मतभेद भुलाकर एक हुए अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव के बीच ‘तकरार और इकरार’ पूरे साल चलता रहा.

10 अक्टूबर को मुलायम के निधन से खाली हुई मैनपुरी लोकसभा सीट के उपचुनाव के लिए चाचा-भतीजा (शिवपाल-अखिलेश) सभी मतभेद भुलाकर साथ आए तो सपा उम्मीदवार डिंपल यादव की वहां से रिकॉर्ड मतों से जीत हुई.

2019 में मुलायम ने मैनपुरी सीट 90 हजार से अधिक मतों के अंतर से जीती थी, लेकिन इस वर्ष उपचुनाव में पांच दिसंबर को हुए मतदान में डिंपल यादव ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के रघुराज सिंह शाक्य को दो लाख 88 हजार से अधिक वोटों के अंतर से पराजित किया। शिवपाल ने मुलायम की ‘विरासत’ की रक्षा के लिए मैनपुरी में अखिलेश की पत्नी डिंपल के लिए प्रचार किया. प्रचार के दौरान अखिलेश ने भी अपने चाचा के पैर छुए.