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2027 से पहले नए सियासी समीकरण? राजा भैया के आवास पर पहुंचे BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी

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उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधान परिषद (MLC) चुनावों के बीच बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की जनसत्ता दल प्रमुख राजा भैया से मुलाकात चर्चा का विषय बन गई है. क्या 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और राजा भैया के बीच कोई नया सियासी समीकरण बनेगा? जानिए पूरी खबर.

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उत्तर प्रदेश में आगामी विधान परिषद (MLC) चुनाव के बीच अचानक बढ़ी राजनीतिक हलचल ने राज्य के सियासी गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है. भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने 18 अक्टूबर को जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के प्रमुख रघुराज प्रताप सिंह उर्फ ‘राजा भैया’ के लखनऊ स्थित आवास ‘रामायण’ पहुंचकर उनसे मुलाकात की.

विधान परिषद की 11 सीटों पर हो रहे उपचुनाव और आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों के परिप्रेक्ष्य में इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है.

एमएलसी चुनाव के बीच 'रामायण' पहुंचे पंकज चौधरी

उत्तर प्रदेश की 11 एमएलसी सीटों पर जारी चुनावी सरगर्मियों के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का राजा भैया के घर जाना कई सियासी संदेश दे रहा है. सूत्रों के मुताबिक, कुछ सीटों पर मिल रही कड़ी चुनौती को देखते हुए भाजपा क्षेत्रीय व प्रभावशाली नेताओं और छोटे दलों का समर्थन हासिल करने की रणनीति पर काम कर रही है. हालांकि, दोनों ही पक्षों (भाजपा और जनसत्ता दल) की ओर से इस मुलाकात के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

2027 की तैयारी या चुनावी तालमेल?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजा भैया के साथ अपने रिश्तों को नए सिरे से मजबूत करना चाहती है. यूपी की राजनीति में भले ही जनसत्ता दल का दायरा सीमित हो, लेकिन कुंडा और आसपास के इलाकों में राजा भैया का राजनीतिक प्रभाव जगजाहिर है. वर्तमान में उनकी पार्टी के पास 2 विधायक और 1 एमएलसी हैं.

उपेक्षा की शिकायत और हैसियत का सवाल

राजा भैया इससे पहले कई मौकों पर यह जाहिर कर चुके हैं कि भाजपा उन्हें वह तवज्जो नहीं देती जिसके वे हकदार हैं. उनका मानना रहा है कि उत्तर प्रदेश में जनसत्ता दल का राजनीतिक वजूद बसपा या कांग्रेस जैसे दलों से कम नहीं है. ऐसे में पंकज चौधरी का खुद उनके आवास पर पहुंचना भाजपा की ओर से संबंध सुधारने की एक ठोस पहल के रूप में देखा जा रहा है.