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शादी के 9 दिन बाद हो गई पति की हत्या फिर बनीं MLA, सपा को झटका देने वाली पूजा पाल की कहानी

कहते हैं राजनीति में कुछ भी स्थायी नहीं होता और अगर बात उत्तर प्रदेश की राजनीति की करें तो यहां शेयर मार्केट से भी तेजी ये समीकरणों में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है.

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Uttar Pradesh News: कहते हैं राजनीति में कुछ भी स्थायी नहीं होता और अगर बात उत्तर प्रदेश की राजनीति की करें तो यहां शेयर मार्केट से भी तेजी से समीकरणों में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है. उत्तर प्रदेश में हुए राज्यसभा चुनाव 'गंगाधर ही शक्तिमान है' वाली राजनीति एक साधारण सा उदाहरण मात्र है. यहां गांगधर से दिखने वाले नेता कब शक्तिमान बन जाते हैं, ये उनके पार्टी सुप्रीमो को ही नहीं पता चल पाता. मंगलवार को यूपी में दस सीटों पर राज्यसभा चुनाव हुए, जिसमें 11 उम्मीदवार मैदान में थे. भाजपा ने अपने आठवें उम्मीदवार को जीताने के लिए ऐसा समीकरण रचा की उसमें सपा के कई विधायक पाला बदलते हुए नजर आए. जिसमें विधायकों ने पाला बादला उनमें से सबसे ज्यादा चर्चा कौशांबी के चायल से विधायक पूजा पाल की रही.