लखीमपुर खीरी: संजय सिंह बोले- अजय मिश्रा के मंत्री रहने तक मामले में न्याय की उम्मीद नहीं

ADVERTISEMENT

UPTAK
social share
google news

आम आदमी पार्टी (AAP) के यूपी प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने लखीमपुर हिंसा मामले में अजय मिश्रा को गृह राज्य मंत्री के पद से बर्खास्त करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में तब तक न्याय संभव नहीं है, जब तक आरोपी आशीष के पिता केंद्रीय मंत्री बने रहेंगे.

संजय सिंह ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और योगी सरकार ने अजय मिश्रा के बेटे आशीष को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें गिरफ्तार करना पड़ा क्योंकि यूपी सरकार के पास इस मामले में उच्चतम न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद कोई अन्य विकल्प नहीं बचा था.

AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए लखीमपुर हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया और पूछा कि अजय मिश्रा को अभी तक गृह राज्य मंत्री पद से बर्खास्त क्यों नहीं किया गया है.

संजय सिंह ने सवाल किया, ‘‘भारत की आजादी के बाद किसानों को कीड़े-मकोड़े की तरह कुचलने की यह घटना हमें जनरल डायर के शासन की याद दिलाती है…क्या उन्होंने (प्रधानमंत्री) उन तस्वीरों को नहीं देखा? क्या उन्होंने वो दिल दहला देने वाली घटना नहीं देखी?’’

यह भी पढ़ें...

ADVERTISEMENT

आप नेता संजय सिंह ने दावा किया कि किसानों के परिवार के सदस्य और घटना में मारे गए पत्रकार को भी मामले में न्याय मिलने की ‘उम्मीद’ नहीं है, जब तक कि अजय मिश्रा को उनके मंत्री पद से हटा नहीं दिया जाता. उन्होंने कहा, ‘‘केंद्रीय मंत्री के बेटे (आशीष मिश्रा) को गिरफ्तार कर लिया गया है. पूरा देश अब सरकार से पूछ रहा है कि मंत्री को उनके पद से कब बर्खास्त किया जाएगा?’’

बता दें कि लखीमपुर खीरी में 3 अक्टूबर को हुई हिंसा के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने 12 घंटे की पूछताछ के बाद 9 अक्टूबर की रात को आशीष मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद पुलिस ने आशीष को एक स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से आशीष को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

आशीष का नाम एफआईआर में एक आरोपी के रूप में शामिल किया गया है. उन पर आरोप है कि वह उन वाहनों में से एक में सवार थे, जिसने यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के क्षेत्र के दौरे का विरोध कर रहे चार किसानों को कुचल दिया था. हिंसा में चार किसानों और एक पत्रकार समेत आठ लोगों की मौत हुई थी.

ADVERTISEMENT

(न्यूज एजेंसी भाषा के इनपुट्स के साथ)

लखीमपुर खीरी पर बोलीं प्रियंका- ‘जब तक गृह राज्य मंत्री का इस्तीफा नहीं, हम लड़ते रहेंगे’

ADVERTISEMENT

    follow whatsapp

    ADVERTISEMENT